आप फेसबुक प्लेटफार्म पर हैं, तो फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले पूरी छानबीन कर लें। वरना आप भी किसी ना किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते है।
जोधपुर। इस समय कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स हैं। इनमें फेसबुक, ट्विटर, वाट्स एप, इंस्टाग्राम आदि शामिल हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यूजर्स हैं। इन साइट्स पर लाभ के साथ कुछ नुकसान भी हैं। आए दिन इन साइट्स के जरिए धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते है। आप अगर फेसबुक प्लेटफार्म पर हैं, तो फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सामने वाले के बारे में पूरी छानबीन कर लें।
वरना आप भी किसी ना किसी धोखाधड़ी का शिकार हो सकते है। सरकार और प्रशासन लोगों को इन मामलों से सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। शायद यही वजह है कि आमजन अब इन मामलों को लेकर जागरुक हो रहा है। हाल ही में ऐसा ही एक मामला जोधपुर से सामने आया है। जहां एक विदेशी महिला ने जोधपुर के एक युवक से फ्रेंडशिप कर के एयरपोर्ट पर फंसे होने का बहाना बनाकर 48 हजार रुपए मांगे लेकिन युवक की सूझबूझ और जागरुकता से वह इस ठगी से बच गया।
आपको बता दें कि जोधपुर के युवक दिनेश सोनी को कुछ दिन पहले फेसबुक पर एन सोफिया हार्डी नाम की ब्रिटिश महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। फिर फेसबुक पर लगातार मैसेज आने लगे। कुछ दिन बाद उसने दिनेश के मोबाइल नंबर मांगे और वाट्सएप पर मैसेज करने लगी। दो दिन पहले विदेशी महिला ने दिनेश को बताया कि वह भारत घूमने आ रही है और जोधपुर भी आएगी। युवक को झांसे में लेने के लिए विदेशी महिला ने फर्जी वीसा और ब्रिटिश एयरवेज टिकट की कॉपी भी भेजी।
फिर मंगलवार को युवक के पास अनजान नंबर से कॉल आया और कहा कि उसकी विदेशी दोस्त के पास कैश ज्यादा था, इसीलिए उसे मुंबई एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है और करीब 48 हजार रुपए बैंक में जमा करवाने का कहा। इस पर युवक ने सूझबूझ दिखाते हुए उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
मामले की पड़ताल के लिए जब उसने इंटरनेट से मुंबई के छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट के कस्टमर केयर के नंबर निकाले और वहां फोन कर मामले की जानकारी मांगी, लेकिन वहां से बात करने वाली कस्टमर केयर ऑफिसर ने इस मामले को फर्जी बताया और कहा कि यदि राशि जमा करवा दी है तो पुलिस कंप्लेन करवाएं और यदि भुगतान नहीं किया है तो परवाह न करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कस्टम से किसी को फोन नहीं किया जाता। अपने स्तर पर जब युवक ने सारी पड़ताल की तो मामला फर्जी निकला वह अपनी सूझबूझ और जागरुकता के चलते धोखाधड़ी से बच गया।
गौरतलब है कि राजस्थान में लाखों फेसबुक यूजर्स हैं। इनमें सैकड़ों फेक आइडी भी हैं, जो फर्जी नाम से लोगों से दोस्ती करके उनके बारे में अहम जानकारी हासिल कर लेते हैं। इसके बाद किसी ना किसी तरह से ब्लैकमेल करने लगते हैं या झूठ बोलकर झांसा देने की कोशिश करने लगते है। हम आपको सिर्फ यहीं कहेंगे सर्तक रहें, जागरुक रहे, सावधान रहें और खुद को सुरक्षित रखें।
फेसबुक यूजर्स के लिए पुलिस साइबर सेल के टिप्स-
रिक्वेस्ट भेजने वाली की टाइम लाइन जरूर चेक करें।
विदेशी युवती द्वारा भेजी गयी रिक्वेस्ट को बहुत सोच समझकर स्वीकार करें। यह 99 फीसद फेक आइडी होती हैं।
जिन लोगों को आप जानते हैं, उन्हीं की रिक्वेस्ट स्वीकार करें।