
जोधपुर . मेहरानगढ़ में चल रहे लोक सुरों के महाकुंभ रिफ में शनिवार रात लोक संगीत की धुनों ने भाषा, संस्कृति और परिवेश की दीवारें तोड़ दी। राजस्थानी लोक गीतों पर बाहर से आए 'पावणेÓ भी जम कर थिरके। जैसे-जैसे रात गहराती गई, संगीत के समन्दर में दर्शक डूबते चले गए। पहले राजस्थानी लोक गायिका सुमित्रा और उसके साथियों ने समां बांध दिया। बाद में करीब मध्यरात्रि पाश्चात्य संगीत और राजस्थानी वाद्य यंत्रों के मेल ने मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में बड़ी तादाद में बाहर से आए पर्यटक भी शामिल हुए। अपनी भव्य आभा लिए ऐतिहासिक मेहरानगढ़ मद्धम रोशनियों से दमक रहा था। कार्यक्रम दुर्ग के जनाना ड्योढी के अहाते में आयोजित किया गया। जिसे विशेष रोशनियों से सजाया गया था।
देर रात फ्यूजन में मंच पर जहां वायलिन, गिटार, मंैडोलिन और अन्य पाश्चात्य वाद्ययंत्रों की संगत में ढ़ोलक, हारमोनियम और मंजीरे थे। दोनों के मेल से उपजे संगीत से इस ऐतिहासिक दुर्ग का वातावरण खिल उठा। शुग्लेनिफ्टी एवं धुन धोराज् 'ड्रामेटिक कोलाबोरेशन-हाई रोड़ टू जोधपुर' के तहत देशी-विदेशी लोक कलाकारों की जुगलबंदी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया । धवल चांदनी से निखरी जनानी ड्योढी कोर्टयार्ड में स्कॉटलैण्ड के कलाकारों के साथ राजस्थानी कलाकारों का अनूठा सम्मिश्रण नजर आया। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट तथा जयपुर विरासत फ ाउंडेशन की मेजबानी में संजोए पांच दिवसीय सुरों के संसार में शनिवार मेहरानगढ़ दुर्ग के जनाना ड्योढी कोर्टयार्ड में मुख्य स्टेज पर स्ट्रींग्स एवं बिट्स में हिन्दी फि ल्मों डेली बेली, तलाश खाकी, रईस आदि हिट फि ल्मों में संगीत देने वाले एवं कोक स्टुडियो के जाने-माने कलाकार रामसम्पत, सुमित्रा एवं मण्डली की टीम ने एक से बढ़कर एक भक्तिगीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को झूमने पर विवश किया।
'ड्रामेटिक कोलाबोरेशन-हाई रोड़ टू जोधपुर' ने किए दिलों के तार झंकृत
शुग्लेनिफ्टी एवं धुन धोराज् 'ड्रामेटिक कोलाबोरेशन-हाई रोड़ टू जोधपुर' के तहत देशी-विदेशी लोक कलाकारों की जुगलबंदी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया । धुन धोरा टीम के राजस्थानी कलाकार गफूर खां ने खड़ताल, डायम खां ने गायन, लतीफ खां के मोरचंग-भपंग, सत्तार खां के ढोल, सरदारखां की सारंगी, स्वरूप खां के ढोलक पर मस्ती भरी धुनों से समूचे माहौल में गर्माहट घोल दी। स्कॉटलैण्ड के जेम्स ने जंबे, लोरा विलके के वायलिन पर जुगलबंदी की । अन्तिम प्रस्तुति सलीम कोट में हुई जिसके तहत क्लब मेहरान में 'अनएक्सपेक्टेड एण्ड सेंसेशनल विनायल एण्ड इलेक्ट्रॉनिक वल्र्ड गु्रव्ज' के साथ विक्टर किसवेल व लोगेसेन मोरगन की प्रस्तुति रोमांचित करने वाली रही।
सुमित्रा के भक्तिगीतों पर हर कोई बना हमसफर
पाली जिले के जैतारण की सुमित्रा ने खनकती आवाज में लोकदेवता बाबा रामदेव की हेळी प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। बाबा रामदेव की जीवनी से ओतप्रोत सुगणा उडीकै आजा म्हारा बीरा.. वारी जाऊ बलिहारी सतगुरु महिमा तेरी.. प्रस्तुत कर समूचे माहौल में अध्यात्म की खुशबू बिखेरी। सुमित्रा ने विदेशी मेहमानों के स्वागत में परदेसी पावणा पधारो म्हारा देस प्रस्तुत कर. कार्यक्रम को ऊंचाइयां बख्शी। करीब दो घंटे तक अनवरत चले सुरों के कारवां में कबीर की वाणी व भक्त शिरोमणी मीरा के भक्ति गीतों पर हर कोई हमसफर बनता नजर आया। सुमित्रा के साथ शकूर ने मोरचंग व अलगोजा, जाकिर ने खड़ताल, सादिक ने ढोलक, सुमेर ने तंदुरा, लतीफ खां ने भपंग तथा संगीतकार रामसंपत के साथ मुंबई कोक स्टुडियों से जुड़े ख्वाब और शोवन ने भी बखूबी साथ निभाया।
रिफ में संगीतज्ञ रामसंपत की प्रस्तुति आज
जसवन्तथड़ा पर सुबह 5.30 बजे रिफ डॉन के तहत मणिपुर और नागा ब्लूज की प्रस्तुति होगी। फ ोर्ट फेस्टिव के तहत जोधपुर, बाड़मेर, चुरू, पाली के लोक कलाकारों की ओर से अपनी गायन एवं वादन कला का प्रदर्शन किया जाएगा। इन रेजीडेन्स-के तहत चोखेलाव में प्रस्तुतियां, शाम में जसवन्तथड़ा पर मूनराइज 'साहिब मेरा रंगरेज' में स्मिता बेल्लूर, दर्राखान व सवाईखान मांगणियार की संगीतमय प्रस्तुति होगी। मुख्य स्टेज में दी वुड वाइण्ड वाइब्ज ऑफ राजस्थान, जिप्सी जॉज विद निकोटिन स्विंग व रिमार्केबल रेजी ऑफ रेकी डॉन की प्रस्तुतियां होंगी। अन्तिम प्रस्तुति के तहत रिफ रसल में संगीतज्ञ रामसम्पत व उनकी टीम की संगीतमय प्रस्तुति होगी।