जोधपुर

राजस्थान में इस महिला IPS ने जो किया, वो हर किसी का दिल जीत रहा है, देखें VIDEO

राजस्थान से खाकी के 'रूतबे' और 'सादगी' की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे के बरसों पुराने प्रोटोकॉल को एक झटके में किनारे कर दिया। जोधपुर ग्रामीण की नई SP पीडी नित्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
3 min read
Mar 28, 2026
Feature image

राजस्थान पुलिस की युवा और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी पीडी नित्या इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। जोधपुर ग्रामीण एसपी का पदभार ग्रहण करने के बाद शुक्रवार को वे पहली बार एक थाने के निरीक्षण पर पहुँचीं। लेकिन इस दौरे की चर्चा उनके निरीक्षण से ज्यादा उनके उस 'अंदाज' की हो रही है, जिसने पुलिसिया तामझाम की दीवार को ढहा दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक महिला एसपी ने वीवीआईपी कल्चर को दरकिनार कर अपने जवानों के साथ जमीन पर खड़े होकर 'गार्ड ऑफ ऑनर' स्वीकार किया।

आईपीएस पीडी नित्या

प्रोटोकॉल का 'कारपेट' और वो लकड़ी की 'चौकी'

आमतौर पर जब भी कोई बड़ा पुलिस अधिकारी थाने के दौरे पर आता है, तो उसके स्वागत के लिए रेड कारपेट बिछाया जाता है। सलामी (Guard of Honour) लेने के लिए एक विशेष लकड़ी की चौकी (Podium) रखी जाती है, जिस पर खड़े होकर अधिकारी जवानों की सलामी लेते हैं।

  • क्या हुआ अलग: एसपी पीडी नित्या जैसे ही अपने सरकारी वाहन से उतरीं, उन्होंने बिछाए गए कारपेट पर चलने के बजाय कच्ची जमीन से होकर सलामी स्थल तक पहुंचना बेहतर समझा।
  • पैर से सरकाई परंपरा: सलामी स्थल पर उनके लिए लकड़ी की चौकी रखी गई थी। लेकिन नित्या ने उसे अपने पैर से एक तरफ सरका दिया और नीचे जमीन पर ही जवानों के बिल्कुल बराबर खड़े होकर सलामी ली।

ये वीडियो हो रहा वायरल

जवानों के बराबर खड़ी होकर दिया बड़ा संदेश

एसपी नित्या का यह कदम केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश था। पैर से उस चौकी को सरकाना इस बात का प्रतीक था कि बेमतलब के तामझाम और ब्रिटिश काल से चली आ रही 'दूरी' वाली परंपराएं अब मायने नहीं रखतीं।

  • समानता का भाव: जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जमीन पर खड़ा होना यह दर्शाता है कि पुलिसिंग में अब 'साहब कल्चर' के बजाय 'टीम वर्क' और 'समानता' को प्राथमिकता दी जा रही है। वहां मौजूद हर पुलिसकर्मी एसपी के इस सादगी भरे व्यवहार से दंग रह गया।

शेरगढ़ थाने का पहला निरीक्षण: अपराध नियंत्रण पर फोकस

एसपी ने शेरगढ़ थाने का गंभीरता से जायजा लिया। आईपीएस इंदिरा देवी और सीआई बुद्धाराम ने उनका स्वागत किया।

  • दस्तावेज और रिकॉर्ड: एसपी ने अपराध रिकॉर्ड और दस्तावेजों के संधारण (Maintenance) की बारीकी से जांच की।
  • प्राथमिकताएं: उन्होंने मादक पदार्थ (Drugs) की रोकथाम और महिला सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास तभी पैदा होगा जब पुलिस सक्रिय और संवेदनशील होगी।

पुरानी जीप और महिला बैरक: समस्याओं का सुना दुखड़ा

निरीक्षण के दौरान थाने की जमीनी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पुलिसकर्मियों ने एसपी को बताया कि थाने में जवानों की कमी है।

  • जर्जर संसाधन: थाने की पुरानी जीप और महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैरक की अनुपलब्धता जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए।
  • आश्वासन: एसपी पीडी नित्या ने इन समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने जवानों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की बात कही।

सोशल मीडिया पर 'तारीफों' का सैलाब

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, लोग एसपी पीडी नित्या की तुलना बॉलीवुड फिल्म 'सिंघम' के किरदारों से करने लगे। नेटिजन्स का कहना है कि राजस्थान को ऐसे ही अधिकारियों की जरूरत है जो तामझाम के बजाय काम और अपने मातहतों के सम्मान पर ध्यान दें।

Published on:
28 Mar 2026 01:27 pm