
जोधपुर। राजस्थान में चल रहे पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान शुक्रवार को जोधपुर जिले की कई ग्राम पंचायतों में विवाद, पथराव और हंगामे की घटनाओं ने मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया। कहीं प्रत्याशियों के समर्थक आमने-सामने आ गए तो कहीं मतदान केंद्र से बैलेट पेपर गायब होने पर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। बिलाड़ा की भावी ग्राम पंचायत में 150 मतपत्र चोरी होने की सूचना के बाद सैकड़ों ग्रामीण मतदान केंद्र पर धरने पर बैठ गए। काफी देर तक मतदान भी बाधित रहा। उधर, पाल, मोतीबा नगर और ओसियां के खेतासर में पथराव से तनाव की स्थिति बन गई, जबकि घंटियाला में भी गाड़ियों के दौड़ने से माहौल गरमा गया। ग्रामीण पुलिस ने अलग-अलग घटनाओं में 57 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 20 वाहन भी जब्त किए हैं।
जिले की 17 पंचायत समितियों की 431 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई स्थानों पर प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच विवाद बढ़ने से पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। सबसे गंभीर मामला बिलाड़ा क्षेत्र की भावी ग्राम पंचायत में सामने आया, जहां बूथ संख्या 12 से 150 मतपत्र गायब होने की सूचना ने चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
भावी पंचायत में सरपंच पद के लिए सोहनी देवी और ममता चुनाव मैदान में थीं। दोपहर करीब एक बजे बूथ संख्या 12 से मतपत्र चोरी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ग्रामीण मतदान केंद्र पर एकत्र हो गए। छात्र नेता रहे सुनील चौधरी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विरोध का असर दूसरे बूथों पर भी पड़ा। मतदान के लिए कतार में खड़े कई मतदाता भी धरने में शामिल हो गए, जिससे मतदान प्रक्रिया बाधित हो गई।
रिटर्निंग अधिकारी की ओर से पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, बूथ से मतपत्र गायब होने की जानकारी मिलने पर पीठासीन अधिकारी जगदीश सारण से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि एक दिव्यांग मतदाता को वोट दिलाने के लिए जाने के दौरान अज्ञात व्यक्ति मतदान कक्ष में आया और 150 मतपत्र लेकर चला गया। मतदान अधिकारी तृतीय सहीराम बिश्नोई ने भी इसकी पुष्टि की। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी मिलने पर उपखंड मजिस्ट्रेट मदाराम पटेल, जिला परिवहन अधिकारी मृदुला शेखावत, पुलिस अधीक्षक मनीष देव और विकास अधिकारी विक्रम सिंह राजपुरोहित पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। विधायक अर्जुनलाल गर्ग ने जिला कलक्टर से बात कर मामले की निष्पक्ष जांच और भावी पंचायत में दोबारा चुनाव कराने की मांग उठाई। मतपत्रों के गायब होने और अन्य स्थानों पर हुए विवादों के बीच पुलिस-प्रशासन को पूरे दिन स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।