जोधपुर

जोधपुर का युवा धुआं-धुआं

- शहर में चल रहे हैं 20 से 25 हुक्का बार, पुलिस करती है सिर्फ निरोधात्मक कार्रवाई
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Updated: 7 Jan 2018, 11:16 PM IST
Jodhpur Youngsters smoking hukkah in different flavours
गंदी बात

- टीनएज के युवा बेफिक्री के साथ पी रहे हुक्का, देर रात तक होने लगी पार्टियां

बासनी (जोधपुर). डब्बल एप्पल...ओरेंज...कीवी...स्ट्रॉबेरी...। आप सोच रहे होंगे कि हम ज्यूस की बात कर रहे हैं लेकिन ये जोधपुर शहर में दिनोदिन खुलने वाले हुक्का बार में युवाओं को परोसे जाने वाले हुक्का फ्लेवर्स के नाम है। यहां बेफिक्री के साथ टीनएज व युवा हुक्के के कस लेते दिख जाएंगे। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र हों या बाहर, लगभग सभी इलाकों में नए नए हुक्का बार खुल गए हैं। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों एक साथ मिलकर धुएं के छल्ले बनाते हुए दिख जाएंगे।

इसके पीछे कारण यह है कि हुक्का बार खोलने को लेकर पुलिस के पास कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। यहां पुलिस सिर्फ माहौल खराब होने जैसी धारा 144 में निरोधात्मक कार्रवाई ही कर पाती है। ऐसे में यहा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है। जोधपुर जैसे पारंपरिक शहर में हालिया कुछ सालों में पनप रही महानगरी संस्कृति का आलम यह है कि रेस्टोरेंट के साथ हुक्का बार खोलने का एक अलग ही ट्रैंड चल पड़ा है। इससे सवाल खड़ा होता है कि आखिर पारंपरिक शहर का युवा किस दिशा में जा रहा है। क्योंकि जिस शहर में स्ट्रीट फूड का कल्चर बरसों से चल रहा है, वो अब धीरे धीरे कम होता जा रहा है। उसकी जगह चारदीवारी में बंद कमरे में कम रोशनी में हुक्के के कस आम बात हो गए हैं। शास्त्री नगर, सरदारपुरा, पावटा, चौपासनी रोड, सरस्वती नगर, डीपीएस सर्किल आदि क्षेत्रों में अलग अलग जगह हुक्का बार खुल गए हैं।

हॉस्टल में रहने वाले कई युवा पीते हैं हुक्का

यहां आने वाले युवाओं में अधिकतर कॉलेज में पढऩे वाले वे युवा हैं जो बाहर से आकर यहां हॉस्टल आदि में रहते हैं जिन पर उनके अभिभावकों की नजर न रहने से वे पढ़ाई से इतर इन गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। क्योंकि अक्सर देखा गया है कि हुक्का बार में धुएं के कस लेने के बाद ऐसे युवा अन्य कई नशे की चीजों का सेवन शुरू कर देते हैं। इन हुक्का बार को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन न होने से पुलिस यहां बहुत कम कार्रवाई करती है। हुक्का बार संचालक दबी जुबान से अपने हिसाब से नियम बताते हैं कि 18 साल की लड़की और 21 साल का लड़का इन हुक्का बार में जा सकता है। वे इस संबंध में कोर्ट के पुराने जजमेंट का हवाला देकर इसे गैर कानूनी नहीं बताते हैं। इससे कम उम्र के लोगों का यहां आना कानूनी अपराध है। इस पर हुक्का बार के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

हुक्का बार पर नहीं होती कार्रवाई

हालांकि गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित उम्र से कम के लड़के लड़कियों के इन हुक्का बार में पाए जाने पर कई बार पुलिस ने कार्रवाई की है। उसके बाद भी इन बार में पुलिस की कोई नियमित चैकिंग नहीं होती है। ये हुक्का बार ज्यादातर उन क्षेत्रों में होते हैं जहां कॉलेज के विद्यार्थी आसानी से पहुंच सकते हैं लेकिन पुलिस यहां कभी कभार ही आती है। सूत्रों की मानें तो इन हुक्का बार संचालकों की पुलिस के साथ मिलीभगत होती है। इसलिए इन पर उम्र सबंधी कानूनी पाबंदी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं होती है। कई जानकारों से पूछने पर पता चला कि हुक्का बार में पिलाए जाने वाले फ्लेवर्स मादक पदार्थों की श्रेणी में नहीं आते हैं। सरकार की ओर से इन पर कोई खास गाइडलाइन नहीं है। वैसे शहर में जहां भी ये चल रहे हैं, वे अवैध ही कहे जा सकते हैं।

हुक्का बार में कुल 22 तरह के फ्लेवर्स

शहर में पड़ताल करने पर पता चला कि शहर में कुल कुल 22 फ्लेवर्स के हुक्के उपलब्ध हंै। इनमें अधिकतर हुक्के के फ्लेवर्स के नाम फलों के नाम पर रखे हुए हैं। इनके नाम भी आकर्षक रखे गए हैं। कुछ युवक इन आकर्षक नामों को देखकर इनकी डिमांड करते हैं। ये सभी हुक्का बार अंडरग्राउंड हॉल या बहुमंजिला इमारत में किसी कोने में बने हॉल में होते हैं। जहां हर किसी को पता नहीं चलता है। नाइट क्वीन, कीवी, पान रसाना, मलाई पान, पान सालसा, रॉयल गोल्ड, सुपारी, रजनीगंधा, ग्रिप्स, मिंट, ओरेंज, वनीला, एक्स ऑन द बीच, कमिश्नर, वॉटरमैलन, डबल एप्पल, महफिल, कच्ची कैरी, स्प्रिंग वॉटर, रमाडा, स्ट्रॉबेरी, लेमन आदि फ्लेवर्स हुक्का बार में सर्व किए जाते हैं। इनके अलावा भी कई फ्लेवर्स हैं जिनकी डिमांड पर हुक्का बार संचालक उपलब्ध कराते हैं। शहर हुक्का बार में देर रात तक पार्टियां भी होने लगी हैं। जिन पर कोई रोक लगाने वाला नहीं है।


फैक्ट फाइल...

कुल हुक्का बार- 20 से 25
कुल फ्लेवर्स- 22 से 30
हुक्के की कीमत- 300 से 400 रुपए

Updated on:
7 Jan 2018, 11:16 PM IST
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