जोधपुर

राजस्थान: जोजरी नदी प्रदूषण केस में पुलिस का बड़ा एक्शन, सीईटीपी ट्रस्ट के तत्कालीन एमडी समेत पांच गिरफ्तार

Jojari River Pollution: जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण एवं अनुसंधान फाउंडेशन (सीईटीपी) ट्रस्ट के तत्कालीन प्रबंध निदेशक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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Aug 03, 2026
Jojari River pollution case
जोजरी नदी में प्रदूषण। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। जोजरी नदी में प्रदूषण फैलाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण एवं अनुसंधान फाउंडेशन (सीईटीपी) ट्रस्ट के तत्कालीन प्रबंध निदेशक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विवेक विहार थाने में करीब दो माह पहले दर्ज इस प्रकरण में कुल 18 ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं न्यासियों को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि जोजरी नदी में प्रदूषण मामले में 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे ठीक पहले पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।

मामले की जांच कर रहे एडीसीपी (पूर्व) नरेन्द्रसिंह देवड़ा ने बताया कि जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण एवं अनुसंधान फाउंडेशन (जेपीसीआरएफ/सीइटीपी ट्रस्ट) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक जसराज बोथरा, कार्यकारी निदेशक नीलेश संचेती, कोषाध्यक्ष सांगसिंह परिहार, ट्रस्टी सुरेश खेमानी तथा ट्रस्ट के सुपरवाइजर गोपाल को गिरफ्तार किया हैं। पांचों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती है।

संयुक्त निरीक्षण में सामने आया था प्रदूषण

यह मामला राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेन्द्र झरवाल की रिपोर्ट पर विवेक विहार पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार 28 मई 2026 को आरएसपीसीबी, रीको, जल संसाधन विभाग और जेडीए की संयुक्त टीम ने सीईटीपी का निरीक्षण किया था।

जांच में सामने आया कि उपचार प्रक्रिया के दौरान आंशिक रूप से शोधित (ट्रीटेड) जल जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा था और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचने के साथ सार्वजनिक उपद्रव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। रिपोर्ट में यह भी बताया कि संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी रहा।

इन 18 पदाधिकारियों को बनाया आरोपी

रिपोर्ट में सीईटीपी के प्रबंध निदेशक जसराज बोथरा, नीलेश संचेती, सांगसिंह परिहार, अशोक संचेती, जयंतीलाल जैन, जुगनु खान, नरेन्द्र छाजेड़, वरुण धनाडिया, पवन लोहिया, पारसमल धारीवाल, राकेश चोरड़िया, उमेश लीला, विनोद सिंघल, श्रीकांत शर्मा, जीएम सिंघवी, सुरेश खेमानी, मनोहरलाल खत्री और पारसमल संकलेचा को आरोपी बनाया गया है।

306 इकाइयां बंद

सीईटीपी प्लांट से अवैध पाइप लाइन सीधे नदी में डाले जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाई। इसके बाद से ही राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण ने सभी 306 कपड़ा इकाइयों को बंद करवा रखा है।

Updated on:
03 Aug 2026 07:23 am
Published on:
03 Aug 2026 07:23 am