बड़े क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में राहत देने के लिए बिलाड़ा के जसवंत सागर बांध को इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरने की योजना है।
राजस्थान के जोधपुर शहर में दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज ट्रंक लाइन को मजबूत कर जोजरी नदी में प्रदूषण कम करने के काम को धरातल पर उतारा जाएगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में वाद-विवाद पर जवाब देते हुए बजट घोषणा में इसे शामिल किया है। खास बात यह है कि यह राशि व काम करीब डेढ़ साल पहले एनआरसीपी (नेशनल रिवर कंजर्वेशन प्लान) में भी घोषित हो रखा है।
176 करोड़ के बजट से जोधपुर की जोजरी नदी के जीर्णोद्धार व प्रदूषण सुधार कार्य के लिए नान्दड़ी, झालामंड में एसटीपी निर्माण कार्य करवाया जाएगा। साथ ही सीवर मुख्य ट्रंक लाइनों में सुधार भी किया जाएगा। सीवरेज पम्पिंग स्टेशन के कार्य होंगे। खास तौर पर एसटीपी में जाने वाली मुख्य पाली रोड की ट्रंक लाइन व एम्स रोड की ट्रंक लाइन को सुधारने का काम इसमें किए जाएंगे। इन्हीं कार्यों की लोकसभा चुनाव से पहले घोषणा हो रखी है।
तब इसे एनआरसीपी में शामिल किया गया था। इसे जोजरी नदी को शुद्ध करने के प्रस्ताव के तौर पर शामिल किया गया, लेकिन अब तक धरातल पर ये काम शुरू नहीं हो पाए हैं। बड़े क्षेत्र के किसानों को सिंचाई में राहत देने के लिए बिलाड़ा के जसवंत सागर बांध को इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरने की योजना है।
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हालांकि सालों बाद इस बार मानसून में इसमें पानी आया है। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के लिए 50 लाख रुपए का बजट रखा गया है। हाल ही इसकी मांग उठी थी। इसमें जोधपुर से 60 किलोमीटर दूर इस बांध को इंदिरा गांधी नहर के पानी से भरने का प्रस्ताव आया था। राज्य सरकार इसका अध्ययन करवा कर जसवंत सागर बांध का नया विकल्प तैयार करना चाहती है।