
RP BOHRA/जोधपुर. शहर के जस्टिस दलबीर भंडारी ने फिर सूर्यनगरी का नाम रोशन किया है। वे दूसरी बार हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस में निर्वाचित हुए हैं। लंबी चुनाव प्रक्रिया के बाद उनके ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी जस्टिस क्रिस्टोफर ग्रीनवुड ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। कल देर रात जस्टिस भंडारी के निर्वाचन की घोषणा हुई। वे इस संस्था में दो बार पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं। जस्टिस भंडारी का कार्यकाल नौ साल का होगा। अभी का उनका कार्यकाल 2012 से शुरू हुआ था। इससे पूर्व भारत से जस्टिस नगेंद्रसिंह इस संस्था में दो बार निर्वाचित हो चुके हैं। जस्टिस भंडारी के निर्वाचन पर शहर में खुशियों की लहर दौड़ गई। उनके परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लग गया। इस बारे में भंडारी के करीबी अधिवक्ता ने भी अपने अनुभव साझा किए।
दलबीर मेरे गुरु भाई है : अधिवक्ता थानवी
जस्टिस दलबीर भंडारी के जूनियर रह चुके अधिवक्ता डीडी थानवी जस्टिस दलबीर भंडारी के दुबारा इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में चयनित होने की बात पर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि दलबीर मेरा गुरु भाई है। उसके पिता महावीर चंद भंडारी मेरे गुरु थे। हालांकि जब अस्सी के दशक में थानवी ने जोधपुर में वकालात शुरू की थी तक जस्टिस भंडारी दिल्ली जा चुके थे।
पिछली बार हैग में था
अधिवक्ता थानवी ने कहा कि पिछली बार जब उन्होंने शपथ ग्रहण की उस रोज 19 जून 2012 को वे भी हैग में थे। जब शपथ समारोह होने वाला था। उसके तीन चार दिन पहले थानवी इंग्लैंड में थे। जहां उनका पुत्र ऑन्कोलॉजी विभाग में सरकारी डॉक्टर है। वहां जस्टिस भंडारी ने उनको बताया कि शपथ ग्रहण समारोह हो रहा है आ जाओ। इस पर वे हैग पहुंच गए। हालांकि उन दिनों उनका मोबाइल गुम जाने की वजह से शपथ ग्रहण समारोह की कोई फोटो नहीं ले सके। सिर्फ इंटरनेशनल कोर्ट के आगे खड़े होकर फोटो खिंचवा पाए थे।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग सदस्य सिंघी पहुंचे जोधपुर
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुनील सिंघी चार दिवसीय जोधपुर यात्रा पर मंगलवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट से वह सीधे मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी बुझावढ़ के लिए रवाना हुए। सिंघी अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं संबंधी बैठक में भी भाग लेंगे।