हमले में घायल राहुल का कहना है कि जगजीवनराम कॉलोनी से गत माह लव जिहाद का मामला सामने आया था।
जोधपुर . मारपीट के बाद उपद्रव फैलने के कारणों का पुलिस पता नहीं लगा पाई है। हमले में घायल एक युवक का आरोप है कि गत दिनों महामंदिर थानान्तर्गत जगजीवन राम कॉलोनी में लव जिहाद के मामले में कुछ युवक उसका पीछा कर रहे थे। उन्होंने ही उससे मारपीट की थी। इसके बाद सूरसागर क्षेत्र में उपद्रव फैल गया था।
हमले में घायल राहुल का कहना है कि जगजीवनराम कॉलोनी से गत माह लव जिहाद का मामला सामने आया था। युवती ने परिजन के साथ जाने से इनकार कर दिया था। उसने युवती को धर्म बहन बना मदद की थी। युवती को भगाने वाले युवक के साथी उसका पीछा कर रहे थे। वह शुक्रवार रात एक शादी समारोह से सूरसागर लौट रहा था। तब रास्ते में युवकों ने उसे रोक कर मारपीट की। इससे सिर में गम्भीर चोट आई।
युवक का आरोप है कि मथुरादास माथुर अस्पताल में इलाज कराने के बाद वह घर लौट रहा था, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इधर, डीसीपी (पश्चिम) समीरकुमार सिंह ने आरोपों से इनकार न करते हुए कहा कि अभी तक मारपीट के कारणों का पता नहीं लग पाया है। घायल युवक की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जाने पर लव जिहाद को लेकर मारपीट की जांच कराई जाएगी।
शहर की कानून-व्यवस्था को बताया भगवान भरोसे
विश्व हिन्दू परिषद् के प्रांत उपाध्यक्ष महावीरसिंह अमरावत ने कहा कि लव जिहाद मामले में युवती की मदद करने की वजह से युवक को पीटा गया है। यह बेहद दुर्भाग्यजनक है। दो-तीन साल से जोधपुर पुलिसिंग व जनता भगवान भरोसे है। शहर में कानून-व्यवस्था फेल हो चुकी है। कांग्रेस सेवादल के प्रदेश संगठक राजेश सारस्वत ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शांति की अपील की।
पुलिस व दोनों पक्षों की बैठक
सूरसागर में दोपहर को पथराव के बाद उपजा तनाव नियंत्रित कर लिया गया। पुलिस ने शाम को सूरसागर थाने में दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों की बैठक लेकर शांति बनाए रखने की अपील की। दोनों पक्षों ने मांग की कि तोडफ़ोड़ और आगजनी करने वालों को सजा मिल व गिरफ्तार निर्दोष युवकों को तुरंत छोड़ा जाए। व्यापारियों का मोहल्ला की ओर से सत्तार खां व अन्य व्यक्ति शामिल हुए। रूपावतों का बास के कुछ लोगों के साथ ही विश्व हिन्दू परिषद्, शिव सेना व अन्य हिन्दूवादी संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) समीरकुमार सिंह ने बैठक में शांति बनाए रखने का अपील की। विश्वास दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। बाद में भाजपा नेता प्रसन्नचंद मेहता ने भी थाने पहुंचकर निर्दोष युवकों को छोडऩे की मांग की।