जोधपुर

गृह मंत्रालय के एसएसए के घर से मिले कई चौंकाने वाले दस्तावेज, पाक विस्थापितों का उठाता था फायदा

- पाक विस्थापितों से रिश्वत लेने का मामला - आरोपों को साबित करने में एसीबी को होगी आसानी
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Updated: 26 May 2018, 9:16 AM IST
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गृह मंत्रालय के एसएसए के घर से मिले कई चौंकाने वाले दस्तावेज, पाक विस्थापितों का उठाता था फायदा

- एसीबी का किसी अन्य कर्मचारी के शामिल होने की भूमिका से इनकार

जोधपुर . भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पाक विस्थापितों से रिश्वत लेने के आरोप में रिमाण्ड पर चल रहे केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक पीके मिश्रा के दिल्ली स्थित आवास की शुक्रवार को तलाशी ली, जहां से रिश्वत से जुड़े दस्तावेज एसीबी के हाथ लगे हैं। मंत्रालय के किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका से एसीबी ने इनकार किया है।
पुलिस अधीक्षक (एसीबी) अजयपाल लाम्बा ने बताया कि प्रकरण में गृह मंत्रालय के एसएसए पीके मिश्रा को गत 17 मई की देर रात हिरासत में लिया गया था। दिल्ली में उसका मकान सीज करवा दिया गया था। उसकी रिमाण्ड अवधि गुरुवार को बढ़ा दी गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूरणसिंह भाटी उसे लेकर दिल्ली रवाना हुए। उसके मकान की शुक्रवार को तलाशी ली गई। दिनभर चली तलाशी में एसीबी को रिश्वत से जुड़े कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। आरोपी के अलावा गृह मंत्रालय के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी के शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।गौरतलब है कि पाक विस्थापित नागरिकों के वीजा एक्सटेंशन बढ़ाने व नागरिकता दिलाने संबंधी दस्तावेज तैयार करने की एवज में रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने गत दिनों एसएसए पीके मिश्रा व तीन दलालों को गिरफ्तार किया था। तीनों दलालों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया था।

गुरुवार को ही एसीबी दिल्ली ले गई थी
केन्द्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिवालय सहायक (एसएसए) पंकजकुमार मिश्रा को एसीबी की टीम गुरुवार को दिल्ली ले गई। वहां उसके कार्यालय में रिश्वत लेने से संबंधित दस्तावेजों व अन्य संदिग्धों के बारे में जांच की जाएगी। इससे पहले अदालत ने तीनों मध्यस्थों को जेल भेज दिया, जबकि एसएसए की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी गई थी। आरोपी मिश्रा, पाक विस्थापित मध्यस्थ अशोक, गोविंद व भगवानाराम का रिमाण्ड पूरा होने पर को एसीबी ने गुरुवार को एसीबी मामलात की अदालत में पेश किया। तीनों मध्यस्थों को जेल भेज दिया गया। मजिस्ट्रेट ने मिश्रा की रिमाण्ड अवधि तीन दिन बढ़ाने के आदेश दिए थे। गौरतलब है कि 17 मई की मध्यरात्रि एसीबी ने डीपीएस बाइपास स्थित होटल के कमरे से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया था। जांच व पूछताछ के बाद शुक्रवार रात एफआईआर दर्ज कर चारों को गिरफ्तार किया गया था।


गृह मंत्रालय में ऑफिस की होगी जांच
जांच कर रहे एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूरणसिंह भाटी दोपहर में मिश्रा को लेकर दिल्ली रवाना हुए थे। वहां गृह मंत्रालय में मिश्रा के चैम्बर व रिश्वत से जुड़ी पत्रावलियों के बारे में भी जांच होगी। रैकेट में शामिल अन्य कर्मचारियों की भूमिका के बारे में भी पड़ताल की जाएगी।

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