जोधपुर

आज गांव पहुंचेगी शहीद गणपत की पार्थिव देह, गांव में नहीं जले चूल्हे

20 जाट रेजीमेंट के जवान गणपतराम की शहादत की खबर के बाद से गांव में चूल्हे नहीं जले।
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Updated: 26 Sep 2017, 11:09 AM IST
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जोधपुर . जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में रविवार को पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी का जवाब देते हुए शहीद हुए जोधपुर जिले के ओसियां क्षेत्र के खुडि़याला के जवान गणपतराम कड़वासरा 24, की पार्थिव देह आज गांव पहुंचेगी। सरकारी स्कूल के पास अंतिम संस्कार किया जाएगा। 20 जाट रेजीमेंट के जवान गणपतराम की शहादत की खबर के बाद से गांव में चूल्हे नहीं जले।

लगे शहीद के जयकार


गणपत की शहादत का समाचार रविवार रात पिता पूनाराम को मिला तो वे अपने पड़ोस में आ गए थे, ताकि परिवार में किसी को पता नहीं चल सके। सोमवार दोपहर परिवार वालों को खबर मिलने पर परिजन विलाप करने लगे। ग्रामीणों ने शहीद गणपत के जयकारे लगाए और परिवार को ढांढस बंधाया। शहीद की वीरांगना पत्नी को भी महिलाओं ने संभाला। लोग शहीद गणपत के पार्थिव देह का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली से सड़क मार्ग से लाई जाएगी पार्थिव देह सेना प्रवक्ता मनीष ओझा ने बताया कि गणपत की पार्थिव देह विशेष विमान से दिल्ली लाई गई। यहां से सड़क मार्ग से खुडिय़ाला लाई जाएगी। यहां मंगलवार सुबह 10 बजे बाद राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा। दोपहर में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आरएस राठौड़, मथानिया तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी शहीद के घर पहुंचे और परिवार वालों को ढांढस बंधाया।

सेना आधिकारिक पुष्टि करने से बचती रही


गणपत के शहीद के समाचार रविवार रात करीब आठ बजे ही आ गए थे, लेकिन सेना ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की। सुबह जब राजस्थान पत्रिका में शहीद का समाचार प्रकाशित हो गया। इसके बावजूद सेना प्रवक्ता इस बात से नकारते रहे। आखिरकार सोमवार दोपहर सेना प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की। बाद में प्रशासनिक अधिकारी शहीद के घर पहुंचे।

पिता बोले-सरकार दे पाकिस्तान को जवाब


इधर, शहीद के पिता पूनाराम ने पत्रिका से बातचीत में कहा कि सरकार को पाकिस्तान की गोलीबारी का करारा जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटे की शहादत पर उन्हें नाज है।

२२ दिन पहले ही गया था


शहीद गणपतराम दो सितम्बर को ही छुट्टियों से वापस ड्यूटी पर गया। पिता व गांव वालों ने बताया कि गणपत जब भी सेना से छुट्टियों पर घर आता तो वह अपने तीनों छोटे भाइयों को सेना की ट्रेनिंग के बारे में बताता और सुबह उनके साथ दौड़ता। दो दिन पूर्व गणपत का फोन आया था, जब उसने कहा कि वह होली पर अब वापस घर आएगा। सभी अपना ख्याल रखना। घर पर निर्माणाधीन मकान के बारे में उसने अधूरा काम पूरा करवाने की बात पिता से कही।

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