शहर के इन दिनों छोटे-बड़े सभी अस्पतालों में बीमारों की लाइनें लगी हुई हैं।
जोधपुर . शहर के इन दिनों छोटे-बड़े सभी अस्पतालों में बीमारों की लाइनें लगी हुई हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार चल रहा है। वजह वायरल, चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया व स्वाइन फ्लू ज्यादा हैं। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मथुरादास माथुर, महात्मा गांधी व उम्मेद अस्पताल में इन दिनों वायरल, डेंगू, चिकनगुनिया व स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगियों की कतारें लग रही हंैं। इस साल जोधपुर में ३४२८६ डेंगू संदिग्ध (१७६ पॉजीटिव), स्वाइन फ्लू संदिग्ध ६६७ (१०५ पॉजिटिव) और चिकनगुनिया के संदिग्ध ११२४ (४१४ पॉजिटिव) मरीज सामने आ चुके हैं। मेडिसिन विभाग के आउटडोर में भी मरीजो की संख्या बढ़ गई हैं।
डॉक्टर्स के गढ़ में मच्छरों का जमावड़ा
जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज संबंद्ध संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर में जनाना विंग के आगे चिकित्सकों के क्वार्टर की ओर से जाने वाले मार्ग में सीवरेज का बहता पानी बीमारियों को न्योता दे रहा हंै। यहां सीवरेज के जमा पानी में बेतहाशा मच्छर पनप रहे हैं। एेसे में यहां से निकलने वाले मरीज और उनके परिजनों को बीमारियों का खतरा है। इस ओर अस्पताल प्रशासन और सफाई का कार्य देख रहे जिम्मेदार भी अनदेखी कर रहे हैं, जबकि इन दिनों मच्छरों से होने वाली बीमारियों और वायरल के मरीज अस्पताल आ रहे हैं। एेसे में इस तरह की गंदगी मरीजों व उनके साथ आने वाले परिजनों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। जनाना विंग के आगे गंदगी का यह आलम जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।
चिकनगुनिया के ३ रोगी आए
डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब ने शुक्रवार को चिकनगुनिया के तीन रोगी आने की पुष्टि की है। जबकि इस बीमारी के कुल १४ सैम्पल लगे। वहीं इस दिन स्वाइन फ्लू और डेंगू का एक भी रोगी सामने नहीं आया। जोधपुर में डेंगू और चिकनगुनिया दोनों ही बीमारियों के रोगी लंबे समय से सामने आ रहे हैं। चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से ये दोनों बीमारियां नियंत्रित करने के सारे दावे फेल साबित हो रहे हैं।