
archer mulalam sai
जोधपुर . वैसे तो कई प्रतिभाएं आर्थिक तंगी के बोझ तले दब जाती हैं। कई बार प्रशासन की उदासीनता भी प्रतिभाओं को आगे बढऩे के आडे़ आ जाती हैं। आर्थिक तंगी के कारण निशाना नहीं साध पा रहे 'अर्जुनÓ के लिए राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई गई मुहिम रंग लाई, जिससे आज इस 'अर्जुनÓ को धनुष मिल गया है। इसको भामाशाहों ने आर्थिक रूप से मदद करके धनुष दिला दिया है। गरीबी के कारण अपनी प्रतिभा को प्रकट नहीं कर पाने की वजह से हताश होकर बैठे अर्जुन के चेहरे पर अभी खुशी की झलक साफ दिखाई दे रही है।
इन्होंने की मदद
जोधपुर के बालेसर तहसील के ढांढणिया निवासी मूलाराम का राज्य स्तरीय तीरंदाजी में दो बार चयन हुआ था, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से मूलाराम के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह तीन लाख रुपए तक का धनुष खरीद सके। मूलाराम की पीड़ा को राजस्थान पत्रिका ने एक्सपोज ने उजागर की थी। यह जानकारी मिलने पर समाज के भामाशाह आगे आए। इनमें एमबीएम कॉलेज जोधपुर के जाट इंजीनियर गु्रप, जाट जाग्रति मंच, रामगढ़ी शिक्षण संस्थान के हीराराम जाखड़, भंवर सोऊ, भींयाराम सबरवाल, एडवोकेट हुकमाराम डउकिया, नराराम सांई, बाबूराम गोदारा, राजेन्द्र सबरवाल, महेश सबरवाल और समाज के अन्य बंधुओं ने मदद की..
यह है मामला
मूलाराम नामक इस खिलाड़ी का दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगीता में चयन हो हुआ था। लेकिन वह धनुष नहीं होने के कारण इस प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सका था। क्योंकि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उसके पास धनुष का होना जरूरी है। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह धनुष को खरीद नहीं पाया और सरकार ने भी इसकी कोई सहायता नहीं की थी। इस खबर को राजस्थान पत्रिका ने अपने एक्सपोज में प्रकाशित किया था। यह जानकारी मिलने के बाद जोधपुर सहित शेरगढ़ तहसील के वाशिंदो ने आगे आकर मूलाराम को पैसो की मदद की है। इसके साथ ही जोधपुर के कोच द्वारा इसको मुफ्त में प्रशिक्षण देने क ी शुरूआत की है
Published on:
04 Nov 2017 04:54 pm
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