इस माह बिजली के बिलों में तीन प्रकार के फ्यूल सरचार्ज व स्पेशल सरचार्ज जोड़कर उपभोक्ताओं को भेजे गए हैं
अमित दवे, जोधपुर। घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट बिजली फ्री देने सहित बिलों में फ्यूल सरचार्ज, स्थाई शुल्क व अन्य सभी चार्ज माफी की घोषणा की गई। जनता को उम्मीद थी कि इस माह उनके बिजली का बिल कम आएगा, लेकिन इस माह आए बिजली के बिलों से आमजन को रियायत की जगह झटके मिल रहे हैं। इस बार बिलों में घोषित सब्सिडी से ज्यादा फ्यूल सरचार्ज वसूला गया है। मई के मुकाबले इस बार जून का बिल 3-5 गुना ज्यादा आया है। इस नई योजना से प्रति माह 50 यूनिट फ्री बिजली वाली योजना बंद हो गई है।
फ्यूल सरचार्ज का खेल
- इस माह बिजली के बिलों में तीन प्रकार के फ्यूल सरचार्ज व स्पेशल सरचार्ज जोड़कर उपभोक्ताओं को भेजे गए हैं।
- फ्यूल सरचार्ज 0.45 पैसे प्रति यूनिट जो पहली तिमाही बिलिंग का लिया गया है (वित्तीय वर्ष 2022-23)।
- फ्यूल सरचार्ज 0.52 पैसे प्रति यूनिट जो द्वितीय तिमाही क्वार्टर बिलिंग का लिया गया है
(वित्तीय वर्ष 2022-23)।
- स्पेशल फ्यूल सरचार्ज 0.05, 0.07 पैसे प्रति यूनिट जनवरी से मार्च 2022 तक उपभोग के आधार पर लिया गया है, जो आने वाले 5 वर्ष तक इसी प्रकार वसूला जाएगा।
बिलों में विसंगतियां
- कई उपभोक्ताओं को सरकार की घोषणा के अनुरूप 100 यूनिट फ्री बिजली नहीं दी जा रही है। जबकि उपभोक्ताओं से 100 यूनिट बिजली, फ्यूल सरचार्ज, नगरीय उपकर, विद्युत शुल्क आदि सभी वसूले जा रहे हैं।
- कई उपभोक्ताओं को डिस्कॉम की ओर से एसएमएस कर बिल भेजे जा रहे है। इससे उपभोक्ता को बिलों की सही जानकारी ही नहीं मिल रही है।
- महंगाई राहत कैम्प से डाटा ट्रांसमिशन के कारण बिजली कंपनियों को डाटा समय पर नहीं मिले, इस वजह से बिलिंग में भी देरी हुई।
300 यूनिट उपभोग वालों को लाभ नहीं
- पूरे प्रदेश में 300 यूनिट प्रतिमाह से अधिक बिजली उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को इस योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- 300 यूनिट प्रति माह से अधिक उपभोग करने वाले उपभोक्ता से वसूला जाने वाला फ्यूल सरचार्ज लगभग उतना ही है जितना कि फ्री बिजली के नाम से उन्हें अनुदान दिया जा रहा है।
- महंगाई राहत कैंप में जारी किए गए मुख्यमंत्री गारंटी कार्ड में यह गारंटी दी गई है कि प्रत्येक 300 यूनिट प्रति माह से अधिक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह 750 रुपए अनुदान राशि जारी रहेगी। जबकि इस माह के बिल में गारंटी कार्ड में बताई गई 750 रुपए अनुदान राशि से भी कम का अनुदान दिया गया है।
यह दरें राज्य विद्युत विनियामक आयोग तय करता है। उसी अनुरूप बिजली बिलों में दरें तय कर वसूली जा रही है।
- ओपी सुथार, अधीक्षण अभियंता, सिटी सर्किल, जोधपुर डिस्कॉम