जोधपुर

Rajasthan: नकल प्रकरण में कानून मंत्री जोगाराम पटेल की पोती को मिली राहत, परीक्षा नियंत्रक ने दी क्लीन चिट

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बोम सदस्यों को उनके एजेंडे के साथ वर्ष 2023-24 में नकल करते पकड़े गए विद्यार्थियों की सूची तो सौंपी, लेकिन वर्ष 2024-25 के विद्यार्थियों की सूची को गोपनीय बता दिया।

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Jul 17, 2025
MBM-University
जोधपुर एमबीएम विश्वविद्यालय। (फाइल फोटो- पत्रिका)

जोधपुर। नकल प्रकरण में कानून मंत्री जोगाराम पटेल की पोती को राहत मिली है। परीक्षा नियंत्रक ने इस मामले में क्लीन चिट दे दी है। एमबीएम विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बोम) की बैठक बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुई। बैठक में कानून मंत्री जोगाराम पटेल की पोती का नकल प्रकरण भी रखा गया, जिसमें उसको क्लीन चिट दे दी गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बोम सदस्यों को उनके एजेंडे के साथ वर्ष 2023-24 में नकल करते पकड़े गए विद्यार्थियों की सूची तो सौंपी, लेकिन वर्ष 2024-25 के विद्यार्थियों की सूची को गोपनीय बता दिया। इसकी सूची दी ही नहीं। बोम बैठक में कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया तो कुलपति प्रो. अजय शर्मा ने दरकिनार कर दिया।

दरअसल, वर्ष 2024-25 में नकल करते हुए पकड़े गए परीक्षार्थियों में कानून मंत्री पटेल की पोती का प्रकरण भी शामिल था। नकल प्रकरणों की सूची परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल गुप्ता ने एक-एक लिफाफा खोलकर खुद ही सुनाई। जब कानून मंत्री की पोती का नाम आया तो डॉ. गुप्ता बोले ‘फाउंड नो गिल्टी’। कुल मिलाकर मंत्री की पोती को दोषमुक्त करार दे दिया गया।

यह है मामला

एमबीएम विश्वविद्यालय में चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान 22 मई को दोपहर की पारी में बीटेक थर्ड ईयर एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग के प्रश्न पत्र में कानून मंत्री की पोती नकल करते हुए पकड़ी गई। छात्रा को विश्वविद्यालय की लाइंग ने पकड़कर केस बनाया। केस के अनुसार छात्रा के कैलकुलेटर के कवर पर पेंसिल से कुछ लिखा हुआ था। केस बनाकर छात्रा को नई उत्तर पुस्तिका कार्य करने के लिए दी गई थी।

Updated on:
17 Jul 2025 09:27 am
Published on:
17 Jul 2025 08:45 am