जोधपुर

10 करोड़ का ब्रिज नहीं झेल पाया प्री मानसून की बारिश, ब्रिज के सेफ्टी ब्लॉक उखड़े

शुरू होने से पहले ही गुणवत्ता पर उठे सवाल

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10 करोड़ का ब्रिज नहीं झेल पाया प्री मानसून की बारिश, ब्रिज के सेफ्टी ब्लॉक उखड़े

जोधपुर-नागौर रोड पर ओसियां फांटा फ्लाइओवर के हालात

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जोधपुर. जोधपुर से नागौर जाने वाले फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग पर 9 मील के पास ओसियां फांटा पर बने फ्लाईओवर में तकनीकी लापरवाही सामने आई है। पिछले 2 दिन से हो रही बारिश में ओवरब्रिज के दोनों छोर पर सड़क किनारे लगे सेफ्टी ब्लॉक ही उखड़ गए। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी यह खामी ढंकते हुए मात्र दरार आने के कारण बदलने की बात कह कर इसे एक सामान्य घटना ही बता रहे हैं। जोधपुर नागौर रोड पर बनाया गया फ्लाईओवर जनता के लिए शुरू भी नहीं हुआ कि तकनीकी खामियों की लापरवाही चौड़े आ गई। क्षेत्रवासियों के अनुसार बरसात के बाद फ्लाईओवर सड़क के पास लगे सेफ्टी ब्लॉक खिसक गए और कंक्रीट व मिट्टी आदि सड़क पर फैल गई। अफसरों को इस बारे में पता चलने पर आनन- फ ानन में ब्लॉक बदलने का काम शुरू कर दिया गया। ठेकेदार के कर्मचारी बुधवार को नए ब्लॉक लगाने का काम करते हुए देखे गए।

10 करोड़ की लागत

देसूरिया विश्नोइयां ओसियां फांटा ब्रिज लगभग 10 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा है। पिछले दिनों यहां नहर के ऊपर ब्रिज पर डामरीकरण का कार्य चल रहा था। दावा किया जा रहा है कि यह 15 दिन में ही शुरू कर दिया जाएगा।

-यहां का पानी होता है एकत्र

इस फ्लाईओवर के छोर से कालिया देह और सुरपुरा प्राचीन नहर निकलती है। इस क्षेत्र के बरसाती जल का यहां प्राकृतिक बहाव क्षेत्र है। इसके चलते यहां जल भराव की समस्या रहती है। बरसात में पुल के दोनों ओर जल भराव से सड़क के कटाव से सेफ्टी वॉल खिसक गए।

इन फ्लाईओवर पर भी थीं तकनीकी खांमियां

- वीर दुर्गादास फ्लाईओवर पर लचक के चलते तकनीकी सवाल उठे थे। जेडीए व निर्माण कम्पनी की लापरवाही से लाखों रुपए की चपत लगी और फ्लाईओवर देरी से शुरूहुआ।
- वीर तेजाजी फ्लाईओवर सारणनगर स्थित इस फ्लाईओवर के घुमाव में तकनीकी खामी के चलते दुर्घटनाएं हुईं। साथ ही इसके छोर पर बनाड़ रोड पर बरसाती पानी जमा हो जाता है। बरसाती जल निकासी का कोई व्यवस्था नहीं की।

-भदवासिया फ्लाईओवर पर घुमाव संकरा होने से वाहन सहित ब्रिज से नीचे गिरने की दुर्घटना हुई। इस पर घुमाव पर सेफ्टी दीवार के ऊपर रैलिंग की ऊंचाई बढ़ाई गई।

इनका कहना है
यह बात सही है कि एक ब्लॉक में दरार आ गई थी। इसे बदला जा रहा है। ब्रिज अभी इन बिल्ट है। ओवरब्रिज को किसी प्रकार का खतरा नही है। यह 15 दिन में शुरू कर दिया जाएगा।

-सुधीर माथुर अधीक्षण अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, एनएच विंग जोधपुर

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Published on:
28 Jun 2018 02:00 pm
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