जैसलमेर

इस यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलसचिव पर लगा यह आरोप

आरटीआई कार्यकर्ता नंदलाल व्यास ने प्रेसवार्ता कर संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी पर राष्ट्रीय विधि विवि में कुलसचिव रहते हुए अधिक वेतन लेने का आरोप लगाया है। लाहोटी ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
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Updated: 7 Nov 2016, 8:03 AM IST
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आरटीआई कार्यकर्ता नंदलाल व्यास ने जोधपुर के संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में कुलसचिव पद पर प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए अनियमित तरीके से अधिक वेतन आहरित करने का आरोप लगाया है। उन्होंंने इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कराने की मांग की है। वहीं संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी ने इन आरोपों को निर्मूल बताया है।

यह लगाया है आरोप

आरटीआई कार्यकर्ता नंदलाल व्यास ने सूचना के अधिकारों के तहत प्राप्त दस्तावेज के आधार पर बताया कि तत्कालीन कुलसचिव व संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में कुलसचिव पद पर प्रतिनियुक्ति पर थे, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के लेखाधिकारी व कुलपति के साथ मिलीभगत करते हुए अपने मूल वेतन में अनियमित तरीके से परिवर्तन कर दिया।

पद का दुरुपयोग करने का आरोप

साथ ही वर्तमान वेतन शृंखला के स्थान पर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्तर की वेतन शृंखला में अपना वेतन फिक्सेशन कर नियमों के विपरीत अपने पद का दुरुपयोग कर अधिक वेतन आहरण करना प्रारम्भ कर दिया।

नियमों के तहत लिया वेतन : लाहोटी

वहीं इस बारे में लाहोटी ने बताया कि एनएलयू का खुद का सेल्फ फाइनेंस है, उनके अपने रुल्स-रेगुलेशन हैं। उन्होंंने जो भी वेतन वहां से लिया है, वह वहां के नियमों के आधार पर ही लिया है।

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