
जोधपुर. मिड डे मील योजना आयुक्तालय ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पिलाए जाने वाले दूध की शुद्धता की जांच करने के लिए कहा है। इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्र भी भेजा जा चुका हैं।
मिड डे मील की अतिरिक्त आयुक्त (वित्त ) हेम प्रभा ने जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा को निर्देश दिया हैं कि अन्नपूर्णा दूध योजना विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी योजना है। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से दूध की जांच कराई जाए। साथ ही जिला मुख्यालय पर दो स्कूल, उपखंड मुख्यालय के चार व ग्रामीण क्षेत्रों के चार स्कूलों को चिन्हित किया जाए। जांच के दौरान दूध के सैंपल में कोई अन्य मिलावट, यूरिया, स्टार्च व अन्य कोई रसायन पाया जाए तो इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की जाए। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही है कि स्कूलों में विद्यार्थियों को पिलाए जाने वाले दूध की गुणवत्ता सही नहीं है