
Central Cooperative Bank : बाड़मेर और जालोर के केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) में करीब 83 लाख रुपए के 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट पड़े हैं। ये नोट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में विभिन्न कारणों से जमा होने से रह गए। बाड़मेर की पायला सोसायटी ने रुपए जमा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मामला दाखिल किया है। वहां से निर्णय होने के बाद रुपयों को लेकर फैसला किया जाएगा।
बाड़मेर की सिणधरी तहसील के अंतर्गत पायला क्रय-विक्रय सहकारी समिति में 45 लाख रुपए के पुराने नोट पड़े हैं। ऐसे में इन पुराने नोटों की वजह से सोसायटियां घाटे में आ गई हैं। देशभर में 8 नवम्बर 2016 को नोटबंदी लागू हुई थी। 10 नवम्बर को सहकारी बैंकों के पुराने नोट जमा कराने पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों का कहना है कि पायला समिति से एक दिन पहले ही 45 लाख रुपए के पुराने नोट जमा कराने लिए आए, लेकिन सीसीबी बैंक का सर्वर डाउन रहने से रुपए जमा नहीं हो पाए। रुपए ऑफलाइन जमा करके उसकी पर्ची पायला सोसायटी को दे दी थी। इसी बीच अगले दिन से सहकारी बैंकों के पुराने नोट जमा कराने पर रोक लग गई, तब से ये रुपए बैंक और पायला सोसायटी के मध्य विवाद में फंसे हुए हैं।
जालोर में 38 लाख रुपए रह गए
जालोर की मालगढ़ सोसायटी में 24 लाख रुपए और घाणा सोसायटी में 14 लाख रुपए के पुराने नोट पड़े हैं। ये सभी पुराने पांच सौ रुपए और एक हजार रुपए के नोट हैं। जालोर में ये रुपए कैसे रह गए, इसको लेकर भी लम्बे समय से मामला अटका हुआ है। सोसायटियों ने समय पर बैंक खाता नहीं खुलवाया, इसलिए इतनी बड़ी रकम रह गई।
बैंक और सोसायटी के मध्य यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है। वहां से निर्णय आने के बाद ही इन रुपयों को लेकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।
-जितेंद्र गोदारा, महाप्रबंधक, केंद्रीय सहकारी बैंक, बाड़मेर