शूटर को रिवॉल्वर पहुंचाने वाला युवक नैनीताल से पकड़ा, रंगदारी के लिए मोबाइल व्यवसायी को गोली मारने का मामला
रंगदारी वसूलने के लिए सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यवसायी की हत्या करने के लिए लॉरेंस के गुर्गे हरेंद्र ने पंजाब में एक युवक को रिवॉल्वर मुहैया करवाया था। उसने वारदात से तीन दिन पहले जोधपुर आकर मुख्य शूटर को रिवॉल्वर सौंपा था। वारदात के बाद फरार होने वाले उस युवक को पुलिस ने नैनीताल से दस्तयाब कर शनिवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने बताया कि प्रकरण में हनुमानगढ़ जिले के सदर थानान्तर्गत जोड़किया निवासी भैरो सिंह (१९) पुत्र अनोप सिंह को बापर्दा गिरफ्तार किया गया है। गत १७ सितम्बर की रात वासुदेव की हत्या के बाद आरोपी बीकानेर भाग निकले थे। उसके बाद सभी अलग-अलग फरार हुए थे। उसके पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश व उत्तराखण्ड में छुपे होने की सूचना मिली। उसके आधार पर अलग-अलग टीमें तलाश में भेजी गई। उसके नैनीताल में होने की सूचना पर पुलिस निरीक्षक गजेंद्रसिंह के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल जमशेद खान व कांस्टेबल अविनाश ने रामनगर में होटल तुलसी से उसको दस्तयाब किया।
हत्या के लिए तीन दिन पहले ही आ गए थे जोधपुर
थानाधिकारी भूपेन्द्र सिंह का कहना है कि लॉरेंस के इशारे पर हरेन्द्र ने किसी अन्य साथी के मार्फत पंजाब में भैरो सिंह को रिवॉल्वर दिया था। वह १५ सितम्बर को जोधपुर पहुंच गया, जहां उसने भोमाराम को हथियार सौंप दिया था। भोमाराम ने यह हथियार बाद में विनोद उर्फ विक्की प्रजापत को दे दिया था। जिससे पुलिस यह रिवॉल्वर बरामद कर चुकी है। हत्या से पहले वासुदेव की रैकी करने में भैरो सिंह शामिल था। वह विनोद प्रजापत की कार में सवार था। हत्या के बाद इसी कार में फरार हो गया था।
अब तक नौ गिरफ्तार
सहायक पुलिस आयुक्त कमल सिंह ने बताया कि प्रकरण में अब तक विनोद उर्फ विक्की प्रजापत, हरीश प्रजापत, श्याम प्रजापत, फारूख अली, नाथूलाल देवासी, नरपत जोशी, पूनमचंद विश्नोई, हिस्ट्रीशीटर पवन सोलंकी व भैरो सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य आरोपी भोमाराम व हरेन्द्र का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है।