- सिद्धनाथ महादेव मंदिर मार्ग की अधिकतर लाइट्स खराब
चौपासनी (जोधपुर). सैकड़ों कदम चलने और 300 से अधिक सीढिय़ां चढऩे के बाद पहुंच पाते हैं कायलाना की पहाडिय़ों पर बने सिद्धनाथ मंदिर। दिन को तो आस्था के ज्वार व मंदिर दर्शन को आतुर श्रद्धालु इन सीढिय़ों पर चढ़ जाते हैं लेकिन शाम की आरती के बाद पसरे अंधेरे में यहां से उतरने में अच्छे अच्छों के पांव कांप जाते हंै। प्रशासन की अनदेखी के कारण इस मार्ग पर कई महिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। यहां सीढिय़ों के पास लगी अधिकतर लाइट्स खराब पड़ी हैं जिसके कारण श्रद्धालुओं को अंधेरे में ही चढऩा व उतरना पड़ता है। लोगों का कहना है कि शाम की आरती के बाद यहां से श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल या टॉर्च की रोशनी में इन सीढिय़ों से उतरना पड़ता है। ऐसे में यदि एक भी कदम गलत पड़ता है तो सीधे सैंकड़ों सीढिय़ों से लुढ़कते हुए चोटिल होने की आशंका रहती है। प्रशासन की अनदेखी के कारण इस मार्ग पर लोगों ने धीरे-धीरे अतिक्रमण कर लिया है। इसके कारण भी कई मौकों पर यातायात व आवागमन की परेशानियां होती है।
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
इस मार्ग पर हो रहे अतिक्रमण व खराब लाइट्स के बारे में प्रशासन को अवगत करवाने के बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। महंत बलराम गिरी ने बताया कि यहां 190 एलईडी लाइट लगाने के लिए सर्वे भी हो रखा है। इसको लेकर जेडीए अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राठौड़ को दो महिनें पहले ज्ञापन भी दिया था फिर भी प्रशासन ने अभी तक मंदिर की सुध नहीं ली है।
मार्ग पर हो रहा अतिक्रमण, पार्किंग बनी समस्या
दादा दरबार मार्ग पर रसूखदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। प्रशासन के आंखें मूंद लेने के कारण अतिक्रमण करने वालों के हौसले दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। बढ़ते अतिक्रमण के कारण यह मार्ग संकरा होता जा रहा है। गुरु पूर्णिमा सहित दादा दरबार की बरसी आदि आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या वाहनों की पार्किंग के समय आती है। सड़क पर अतिक्रमण के कारण वाहन सड़क किनारे ही पार्क किए जाते हैं जिससे आवागमन बाधित होता है।
अंधेरे के कारण गिरकर चोटिल होने की आशंका
सीढिय़ों के किनारे लगी लाइट्स के खराब होने के कारण अंधेरा पसरा रहता है। ऐसे में चढऩे उतरने के दौरान थोड़ी सी भी चूक होती है तो गिरकर चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। अंधेरे के कारण कुछ दिनों पहले ही यहां एक आदमी पर जंगली ***** ने हमला कर दिया था। हमले से युवक की पसलियां चोटिल हो गई थी।
एक फरवरी को है नेपाली दादा की बरसी
सिद्धनाथ मंदिर में एक फरवरी को नेपाली दादा की बरसी मनाई जाएगी। इससे पहले 31 जनवरी को जागरण का आयोजन किया जाएगा। करीब दो सप्ताह बाद होने वाले इस आयोजन में शहर सहित आसपास से हजारों श्रद्धालु व साधु-संत भाग लेंगे। ऐसे में यदि प्रशासन समय पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं करता है तो बरसी के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
इन्होंने कहा-
सिद्धनाथ मंदिर शहर की आस्था का केन्द्र रहा है। यहां सीढिय़ों के पास लगी लाइट्स कई महिनों से खराब पड़ी हैं। इसलिए शाम की आरती के बाद आने वाले लोगों को अंधेरे में ही सीढिय़ों से उतरना पड़ता है। इसको लेकर जेडीए अध्यक्ष को दो महिने पहले बताया था लेकिन अभी तक सुधार नहीं हो पाया है। नेपाली दादा की बरसी से पहले व्यवस्थाएं सुधर जाएं तो श्रद्धालुओं को आवागमन में आसानी रहेगी
- महंत बलराम गिरी, पुजारी दादा दरबार सिद्धनाथ मंदिर।