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Rajasthan: राजस्थान में नकली बीज प्रकरण, पीए की गिरफ्तारी पर बोले भाजपा विधायक- 31 मई को ही हटा दिया

पूर्व निजी सहायक गणपत विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद उठे विवाद पर फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई ने पहली बार प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शिकायतें मिलने पर गणपत को पहले ही पद से हटा दिया गया था।
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Updated: 8 Jun 2026, 9:09 PM IST
Pabbaram Bishnoi
विधायक पब्बाराम विश्नोई। फाइल फोटो- पत्रिका

फलोदी। नकली बीज प्रकरण में एसीबी की कार्रवाई के दौरान फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई के पूर्व निजी सहायक गणपत विश्नोई का नाम सामने आने के बाद क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। गणपत विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बढ़ते विवाद के बीच विधायक पब्बाराम विश्नोई ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गणपत की कथित गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उन्होंने उसे 31 मई को ही निजी सचिव के पद से हटा दिया था।

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पत्रिका से बातचीत में विधायक पब्बाराम विश्नोई ने कहा कि भ्रष्टाचार से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही उन्होंने कभी ऐसे लोगों को संरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि जब गणपत के संबंध में शिकायतें मिलने लगीं तो उन्होंने तत्काल उसे पदमुक्त कर दिया। विधायक के अनुसार गणपत जयपुर स्थित विधायक आवास पर अपना सामान लेने आया था, उसी दौरान एसीबी ने उसे गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि गणपत की गिरफ्तारी के समय वह मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल थे। बैठक से लौटने के बाद उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिली। विधायक ने कहा कि उन्होंने न तो गणपत को बचाने का प्रयास किया और न ही किसी प्रकार का दबाव बनाया। उन्होंने एसीबी को निष्पक्ष जांच करने के लिए कहा।

‘कुएं का पानी मीठा निकलेगा या खारा, पहले से नहीं पता चलता’

विधायक पब्बाराम विश्नोई ने भावुक अंदाज में कहा कि कई वर्षों तक साथ काम करने वाले व्यक्ति के बारे में हर बात की जानकारी होना संभव नहीं होता। उन्होंने कहा, “कुएं को खोदने से पहले कोई नहीं जानता कि उसमें मीठा पानी निकलेगा या खारा। उसी तरह मुझे भी उसकी कथित गतिविधियों की जानकारी नहीं थी।”

भ्रष्टाचारियों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ना चाहिए

विश्नोई ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और कानून अपना काम कर रहा है। गणपत विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर विधायक पब्बाराम विश्नोई को लेकर बहस तेज हो गई है। समर्थक उन्हें साफ छवि वाला जनप्रतिनिधि बताते हुए उनके पक्ष में उतर आए हैं, जबकि विरोधी इस मामले को राजनीतिक जवाबदेही और क्षेत्रीय विकास से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। शहर की हथाइयों, चाय की थड़ियों और गांवों की चौपालों पर दिनभर इसी मुद्दे की चर्चा होती रही।

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8 Jun 2026, 9:09 PM IST
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