Pachpadra Refinery: पचपदरा में स्थापित हो रही रिफाइनरी के साथ पश्चिमी राजस्थान में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी है।
जोधपुर। पचपदरा में स्थापित हो रही रिफाइनरी के साथ पश्चिमी राजस्थान में विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी है। यह परियोजना सिर्फ औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जोधपुर, पाली और आसपास के क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और शहरीकरण को नई गति देगी। खास बात यह है कि जोधपुर-बालोतरा रोड पर तीन नए औद्योगिक क्षेत्र भी प्रस्तावित किए गए हैं।
पचपदरा से जोधपुर, पाली होते हुए जयपुर तक प्रस्तावित सड़क कॉरिडोर क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इसके साथ ही रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पादों के आवागमन में तेजी आएगी। बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन से जुड़े व्यवसायों को मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय वेंडर्स, ठेकेदारों और सेवा प्रदाताओं जैसे कैटरिंग, सुरक्षा और परिवहन का भी बड़ा निवेश आएगा।
इस रिफाइनरी को जामनगर मॉडल से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जामनगर रिफाइनरी के बाद बंजर भूमि औद्योगिक हब में बदल गई। वहां सड़क, बिजली और बंदरगाह जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ और हजारों लोगों को रोजगार मिला। जामनगर आज पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात का बड़ा केंद्र बन चुका है। वहां करीब 3 हजार प्रत्यक्ष और 10 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
पचपदरा रिफाइनरी का आकार सबसे बड़ा है। ऐसे में जहां 10 हजार प्रत्यक्ष और 40 हजार के करीब प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद लगाई जा रही है। पचपदरा-बालोतरा से शुरू होकर रोजगार का सिलसिला जोधपुर तक पहुंचेगा।
-होटल इंडस्ट्री का विकास।
-इंफ्रा सेक्टर का स्तर बढ़ेगा।
-लॉजिस्टिक हब बनेंगे।
-जोधपुर की एयर कनेक्विटी बढ़ सकती है और इंटरनेशनल फ्लाइट भी मिल सकती है।
सिर्फ पचपदरा नहीं पूरे मारवाड़ को फायदा होगा। तीन नए औद्योगिक क्षेत्र तो प्रस्तावित है कि अप्रत्यक्ष निवेश व रोजगार के अवसर काफी बढ़ेंगे। इसमें कई सेक्टर शामिल है।
-घनश्याम ओझा, गुजरात-राजस्थान प्रभारी, लद्यु उद्योग भारती।
आने वाले समय में बड़ा बदलाव संभव है। जो रोड, रेलवे व एयर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरेगा उसका सम्पूर्ण असर क्षेत्र पर पड़ेगा। पर्यटन में तेजी से विकास होगा।
-नरेश सुराणा, इंफ्रा निवेशक
रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन फिर भी गेमचेंजर होगी पचपदरा रिफाइनरी। स्किल डवलपमेंट और सिंगल विंडो पर काम करने की जरूरत है, इसके बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
-आशाराम धूत, पूर्व अध्यक्ष, जेआइए