भावी क्षेत्र के घाणामगरा गांव के बाहर खेजड़ला एंव बीरावास जाने वाले मार्ग पर हेमाराम दुकतावा (पितावत) के कृषि फार्म हाउस में दो दिन पहले घुसा जंगली जानवर पैंथर है। वन विभाग की टीम ने इसकी पुष्टि कर दी है। पैंथर ने दो दिनों में दो कुत्तों का शिकार किया है।
भावी क्षेत्र के घाणामगरा गांव के बाहर खेजड़ला एंव बीरावास जाने वाले मार्ग पर हेमाराम दुकतावा (पितावत) के कृषि फार्म हाउस में दो दिन पहले घुसा जंगली जानवर पैंथर है। वन विभाग की टीम ने इसकी पुष्टि कर दी है। पैंथर ने दो दिनों में दो कुत्तों का शिकार किया है।
पिछले तीन दिन से आसपास के आधा दर्जन गांव दहशत में है। इसी बीच भावी की सरहद पर धर्मानाडी के निकट एक और पैंथर नजर आया। वन विभाग की टीम ने वहां पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया है।
उपवन सरक्षंक महेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पैंथर ने शुक्रवार रात जिस कुत्ते का शिकार किया, उसका शव बरामद कर लिया गया है।
कुत्ते के गले में पाए गए निशान से इसके पैंथर द्वारा शिकार किए जाने की पुष्टि हो गई। कुत्ते का शव वापस उस पिंजरे में रखवा दिया गया है जो पैंथर को पकडऩे के लिए रखा था। उम्मीद है वह अपने शिकार को लेने वापस आएगा।
ड्रोन कैमरे की भी ली मदद
वनविभाग के अधिकारियों व प्रशासन की टीम पैंथर की लोकेशन का पता लगाने के लिए शनिवार सवेरे साढ़े दस बजे से कैमरा लगे ड्रोन की भी मदद ले रही हैं। एसीएफ महिपालसिह के नेतृत्व में गठित रेस्क्यू टीम के डॉ.श्रवण सिंह राठौड, शूटर बंशीलाल सांखला, सहायक वनपाल मनोहरसिंह व वनरक्षक जालन्धर सिंह लाठियों से लैस आठ-दस ग्रामीणों के साथ पैंथर का तलाश रहे हैं। लेकिन टीम के हाथ अभी तक कुछ नहीं लगा है।
खेतों में खड़ी है फसल
वन विभाग को खेतों में खड़ी फसल के चलते पैंथर को खोजने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। घाणामगरा के अलावा खेजडला, तिलवासनी, सिलारी, जालखा, बीरावास, रामपुरिया और भावी में दहशत का माहौल है। ग्रामीण खेतों में खड़ी गेहूं, सौंफ व चने की फसल की रखवाली करने तीन दिन से नहीं जा पा रहे है।
इघर, शनिवार को पूर्व सासंद बद्रीराम जाखड़ घाणामगरा पहुंचे और किसान के नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपए देने की घोषणा की। पूर्व मंत्री एव विधायक अर्जुनलाल गर्ग, कांग्रेस जिला देहात अध्यक्ष हीरालाल मेघवाल के साथ कई भाजपा व कांग्रेस के पदाधिकारीे भी मौके पर पहुंचे है।