
जोधपुर के बिलाड़ा रेंज कापरड़ा के पास हडलाव की ढाणी की कांकड़ में एक कृष्ण मृग जख्मी मिला।स्थानीय ग्रामीण सहीराम सारण के अनुसार रविवार को करीब 3 बजे एक कृष्ण मृग घायलवस्था में मिला प्राथमिक दृष्टि से देखने पर काले हिरण के गले के पास बन्दूक की गोलीनुमा छेद नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इलाज न होने के कारण तडपते हुए हिरण ने दम तोड़ दिया।
सूचना दे दी है
इस घटना की बिश्नोई टाइगर्स फोर्स पर्यावरण संस्था जिलाध्यक्ष रामूराम गोदारा ने उपवन संरक्षक वन मंडल जोधपुर को सूचना दे दी है।इसके साथ ही बिश्नोई टाइगर फोर्स पीपाड़ मंडल प्रभारी राजूराम सारण(चिरढाणी) ने मौके पर पहुंच कर संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारी बिलाड़ा को सूचित कर मृत कृष्ण मृग का तीन सदस्य पशु चिकित्सकों से पोस्टमार्टम करवा कर मौका पंचनामा तैयार कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। मौके पर ग्रामीणों ने कृष्ण मृग का शिकार होने की आंशका जताई है। क्योंकि कापरड़ा वन्यजीवों के शिकार के मामले में जोधपुर का अतिसंवेदनशील क्षेत्र है। इस क्षेत्र में आए दिन किसी न किसी वन्य जीव का शिकार होता रहता है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है
इधर बिश्नोई टाइगर्स वन्य व पर्यावरण संस्था के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल भवाद का कहना है कि कापरड़ा के आसपास के खेतों में वन्यजीव बहुतायत में विचरण करते हैं। इसलिए शिकारी प्रवृत्ति के कुछ लोग आए दिन वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की कोशिश करते रहते है। हालात ये हैं कि वन अधिकारियों को बार-बार सूचना के बावजूद भी कार्रवाई करने में असमर्थता जताते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
शिकार के आरोपी की मौत हो गई थी
ध्यान रहे कि यहां कुछ वर्षों पूर्व इसी क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार को लेकर पर्यावरण प्रेमियों व शिकारियों के बीच हुई झड़प के कारण शिकार के एक आरोपी की मौत भी हो गई थी। उसे लेकर बेजा बवाल मचा था। अक्सर परस्पर मुकदमों को लेकर आज भी दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी रहती है।