Lok Sabha Election 2024: जोधपुर लोकसभा सीट की बात करें तो यहां अब तक हुए 17 चुनावों में पांच बार भाजपा ने जीत दर्ज की है
Phalodi Satta Bazar: मारवाड़ की राजनीति के गढ़ जोधपुर में भाजपा की ओर से तीसरी बार केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपनी जीत की हैट्रिक का दावा कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के करण सिंह उचियारड़ा (karan singh uchiyarda) स्थानी बनाम बाहरी के मुद्दे पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। दोनों ही प्रत्याशियों के राजपूत समाज से होने के कारण इस बार का चुनावी मुकाबला रोचक बना रहा। इस बीच फलोदी सट्टा बाजार ने भी दोनों प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। दरअसल सट्टा बाजार जोधपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) की जीत का दावा कर रहा है। हालांकि 4 जून को यह साफ हो जाएगा कि जोधपुर की जनता ने किसके पक्ष में मतदान किया।
बता दें कि जोधपुर लोकसभा सीट पर भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस प्रत्याशी और तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत को 274440 मतों से हराया था। 2019 के चुनाव में भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत को 788888 वोट और वैभव गहलोत को 514448 मत मिले थे। गजेंद्र सिंह शेखावत वैसे शेखावाटी से आते हैं। हालांकि उनकी पढ़ाई जोधपुर में हुई और लंबे समय से वे जोधपुर में रह रहे हैं। वहीं करण सिंह उचियारड़ा जोधपुर के ही रहने वाले हैं। ऐसे में कांग्रेस को यह लगता है कि उसका फायदा करण सिंह को और उनकी पार्टी को मिलेगा। यही कारण है कि बाहरी और स्थानीय का मुद्दा इस चुनाव में उठाया गया। वहीं दूसरी तरफ गजेंद्र सिंह शेखावत राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी माने जाते हैं। वे सांसद के साथ केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। वहीं दूसरी तरफ करण सिंह उचियारड़ा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
राजस्थान की जोधपुर लोकसभा सीट की बात करें तो यहां अब तक हुए 17 चुनावों में पांच बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। वहीं आठ बार कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। एक बार भारतीय लोकदल और तीन बार निर्दलीय जीते हैं। राजपूत बाहुल्य इस सीट पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने लगातार दो चुनाव बड़े अंतर से जीते हैं। 2014 में मोदी लहर में चंद्रेश कुमारी को चार लाख से अधिक मतों से हराया, तो वहीं 2019 में गहलोत सरकार के हर नेता के जोधपुर में एक्टिव होने के बावजूद वैभव गहलोत से 2.74 लाख मतों से जीते थे।
वर्ष- सदस्य- दल
1951-52- हनुवंत सिंह- निर्दलीय
1952- जसवन्तराज मेहता- स्वतंत्र (उपचुनाव)
1957- जसवन्तराज मेहता- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962– लक्ष्मीमल्ल सिंघवी- स्वतंत्र
1967— नरेंद्र कुमार सांघी- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1971- कृष्णा कुमारी- स्वतंत्र
1977– रणछोड़दास गट्टानी- जनता पार्टी
1980– अशोक गहलोत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
1984– अशोक गहलोत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989- जसवन्त सिंह- भारतीय जनता पार्टी
1991- अशोक गहलोत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1996– अशोक गहलोत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1998- अशोक गहलोत- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1999– जसवन्त विश्नोई- भारतीय जनता पार्टी
2004- जसवन्त विश्नोई- भारतीय जनता पार्टी
2009– चंद्रेश कुमारी कटोच- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014– गजेंद्र सिंह शेखावत- भारतीय जनता पार्टी
2019– गजेन्द्र सिंह शेखावत- भारतीय जनता पार्टी