हरी सब्जियों के साथ प्याज के दाम भी लोगों के आंसू निकाल रहे है।
जोधपुर . इन दिनों हरी सब्जियों के दाम आसमां छू रहे है। सब्जियों के बढ़ते दाम का सीधा असर मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। एेसे में रोज कमाकर खाने वालों की थाली से हरी सब्जियां दूर हो गई है। जानकारों के अनुसार सब्जियों के बढ़ते दाम का कारण मानसून के बाद की दो-तीन बारिश है। सब्जियों की बुवाई के बाद हुई बारिश ने जमीन से बाहर निकले पौधों को खराब कर दिया। हरी सब्जियों के साथ प्याज के दाम भी लोगों के आंसू निकाल रहे है।
प्याज के बढ़ते दाम पर कुछ रिटेल व्यापारियों ने दबी जुबान में बताया कि किसान प्याज की फसल बेच चुके है। एेसे में प्याज के भाव बढऩा भी लाजमी है, क्योंकि प्याज का भण्डारण भी प्याज के भाव बढऩे का कारण हो सकता है। प्याज, टमाटर, फूल गोभी, पत्ता गोभी के साथ विभिन्न हरी सब्जियां के दाम बढ़े हुए हंै। व्यापारियों ने बताया कि नासिक से टमाटर की खेप अधिक आने से कुछ समय तक टमाटर के भाव नहीं बढ़े, लेकिन नासिक से टमाटर की आवक कम होने से टमाटर के भाव बढ़े हैं। हालांकि राज्य में टमाटर की फसल होने व आवक बनी रहने से टमाटर के दाम नियंत्रण में है।
गत वर्ष से अधिक है सब्जियों के भाव
व्यापारियों ने बताया कि इस माह सब्जियों के भाव गत वर्ष की तुलना में अधिक है। हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों का मुख्य कारण घटती आवक है। बाजार में सब्जियों की आवक कम होने व शादियों के सीजन के चलते सब्जियों की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। शादियों की सीजन के बाद सब्जियों के भाव में कमी आने की संभावना हैं।
पैदावर कम होने से हरी सब्जियों के दाम बढ़े हुए है। सब्जियों की बुवाई के बाद बारिश होने से कई जगह सब्जियों की फसल खराब हो गई। कम आवक व अधिक मांग के चलते भावों में इजाफा हुआ है।
छोटू, रिटेल व्यापारी
गत माह सब्जियों की आवक ठीक थी, लेकिन इस माह सब्जियों की आवक कम होने से सब्जियों की कीमत बढ़ी हुई है।
फारुक, व्यापारी