
रेत के धोरों से निकले RAS अफसर (फोटो-पत्रिका)
जोधपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2024 यानी आरएएस का परीक्षा परिणाम शनिवार सुबह घोषित कर दिया। आरपीएससी ने टॉप-20 मेरिट लिस्ट जारी की। इसमें आधे यानी 10 अभ्यर्थी पश्चिमी राजस्थान के हैं। टॉपर बाड़मेर से और दूसरे स्थान पर अभ्यर्थी जैसलमेर से है।
जोधपुर से चार अभ्यर्थी टॉप-20 में है। जोधपुर के दिनेश 7वीं, भूपेंद्र की 9वीं, यशवंत की 11वीं और चंदनसिंह की 14वीं मेरिट है। इसके अलावा बीकानेर, श्रीगंगानगर के अभ्यर्थी हैं। थार के धोरों से निकलकर आए अभ्यर्थियों ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि शीर्ष स्थानों पर कब्जा कर अपनी मेहनत का लोहा मनवाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कोचिंग और स्थानीय स्तर पर बढ़ती जागरूकता ने इन क्षेत्रों के युवाओं को नई दिशा दी है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद थार के युवाओं ने यह साबित कर दिया कि मजबूत संकल्प और सही रणनीति से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सिविल सेवा विशेषज्ञ बी.एस. राठौड़ ने बताया कि यह परिणाम न केवल पश्चिमी राजस्थान के लिए गर्व का विषय है, बल्कि आने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।
जोधपुर के बावड़ी के अनवाना गांव निवासी दिनेश छाबा ने तीसरे प्रयास में 7वीं मेरिट हासिल की। उसकी 2023 में 31वीं रैंक थी। वह वर्तमान में ओटीएस जयपुर में आरएएस की ही ट्रेनिंग ले रहा है। ऐसे में आरएएस 2024 की यह सातवीं रैंक वह छोड़ देगा। इससे खाली हुआ पद किसी अन्य अभ्यर्थी को मिल जाएगा। वह 2019 से 2014 के दौरान थर्ड ग्रेड टीचर था। उसने ऑनलाइन ही तैयारी की थी। दिनेश को मुख्य परीक्षा में 296.5 और इंटरव्यू में 37 अंक मिले। पिता उदाराम किसान और माता रेवंती देवी गृहिणी है। दोनों कभी स्कूल नहीं गए।
भूपेंद्र सिंह बारहठ ने 9वीं रैंक हासिल की। मूलत: बालोतरा निवासी भूपेंद्र वर्तमान में बीजेएस कॉलोनी में रहता है। भूपेंद्र का यह चौथा प्रयास था। तीन प्रयास में उसने मुख्य परीक्षा दी लेकिन इंटरव्यू में इस बार पहुंचा और पहली बार पहुंचते ही पूरे प्रदेश में इंटरव्यू में सर्वाधिक 67 अंक प्राप्त किए। मुख्य परीक्षा में 262.5 अंक मिले। भूपेंद्र ने बताया कि आरएएस का पूरा पैटर्न बदल गया है। कोचिंग व नोट्स की बजाय सेल्फ स्टडी पर फोकस करना चाहिए। पिता जोधदान सरकारी सेवा में थे। माता लहर कंवर गृहिणी हैं। बड़े भाई गजराजसिंह भारतीय रेलवे सेवा में है।
शहर के महात्मा गांधी उप्रावि में थर्ड ग्रेड शिक्षक यशवंत सांदू अब आरएएस होंगे। उसने दूसरे प्रयास में 11वीं रैंक हासिल की। मुख्य परीक्षा में 271 और इंटरव्यू में 56 अंक मिले। यशवंत ने बताया कि उसने कोई कोचिंग नहीं की। सेल्फ स्टडी की। पहले प्रयास में उसे 799वीं रैंक मिली थी। कठिन परिश्रम और लगातार प्रयास को सफलता का मंत्र मानने वाले यशवंत के पिता कमल सिंह चारण हैंडीक्राफ्ट का व्यवसाय करते हैं। माता सीमा गृहिणी हैं।
शेरगढ़ क्षेत्र के बालेसर (हिम्मतनगर) निवासी चंदनसिंह इंदा ने 14वीं रैंक हासिल की। चंदनसिंह का यह तीसरा प्रयास था। पहले प्रयास में 221वीं रैंक और दूसरे प्रयास में 115वीं रैंक मिली थी। इस बार प्रॉपर आरएएस बन गए। चंदन का 2008 में एयरफोर्स में सलेक्शन हुआ था और वीआरएस लेकर पढ़ाई की थी। पिता दौलतसिंह इंदा किसान हैं। माता सुआ कंवर गृहिणी हैं। चंदन को मुख्य परीक्षा में 275.50 और इंटरव्यू में 48 अंक मिले।
Published on:
19 Apr 2026 06:05 am
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