जोधपुर

Rajasthan Monsoon: आज से मानसून लौटने का महीना शुरू, जानिए राजस्थान के किस जिले में कितनी बारिश हुई

Rajasthan Monsoon: पूर्वी राजस्थान में सप्ताहांत में फिर बरसात की संभावना बन रही है लेकिन पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर को छोड़कर फिलहाल दूर-दूर तक बारिश के आसार नहीं है।
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Sep 01, 2026
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Rajasthan Rain Update : जयपुर में पोलो विक्ट्री स्टेशन रोड पर लबालब पानी। फोटो पत्रिका दिनेश कुमार

जोधपुर. सितम्बर महीना शुरू हो रहा है। राजस्थान में यह मानसून लौटने का काल माना जाता है। पूरे देश में सबसे अंत में मानसून जैसलमेर-बाड़मेर पहुंचता है और यहीं से मानसून के लौटने की शुरुआत होती है। पश्चिमी राजस्थान से मानसून लौटने की सामान्य तिथि 17 जून है। मानसून के तीन महीने बीते चुके हैं लेकिन अभी तक 23 प्रतिशत कम बरसात हुई है।

पूर्वी राजस्थान में सप्ताहांत में फिर बरसात की संभावना बन रही है लेकिन पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर को छोड़कर फिलहाल दूर-दूर तक बारिश के आसार नहीं है। मारवाड़ के अधिकांश हिस्सों में 20 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक कम बरसात हुई है। जालोर में सर्वाधिक 59 प्रतिशत सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

प्रदेश का मानसून रिपोर्ट कार्ड (1 जून से 31 अगस्त)

  • राजस्थान : 282.6 मिमी (सामान्य 368.3 मिमी) : -23%
  • पूर्वी राजस्थान : 411.8 मिमी (सामान्य 528.8 मिमी) : -22%
  • पश्चिमी राजस्थान : 179.7 मिमी (सामान्य 250.5 मिमी) : -25%

पूर्वी राजस्थान में यहां कम बरसात

पूर्वी राजस्थान के 23 जिलों में 22% कम बरसात हुई है। इसमें अजमेर में 16%, अलवर में 5%, बांसवाड़ा में 48%, बारां में 26%, भीलवाड़ा में 30%, बूंदी में 22%, चित्तौड़गढ़ में 21%, दौसा में 4%, डूंगरपुर में 42%, जयपुर में 28%, झालावाड़ में 16%, करौली में 20%, कोटा में 29%, प्रतापगढ़ में 19%, राजसमंद में 32%, सवाई माधोपुर में 33%, सीकर में 7%, सिरोही में 43%, टोंक में 18% और उदयपुर में 34% कम बरसात हुई है। वहीं, तीन जिलों में सामान्य से अधिक बरसात हुई है। झुंझुनूं में 10%, भरतपुर में 30% और झुंझनूं में 13% अधिक बरसात दर्ज की गई है।

पश्चिमी राजस्थान में अधिक सूखा

पश्चिमी राजस्थान के 10 जिलों में 25% कम बरसात हुई है। केवल श्रीगंगानगर में सामान्य से 1% अधिक बरसात दर्ज की गई है। शेष जिले बरसात को तरस गए हैं। जालौर में 59%, पाली में 50%, जोधपुर में 23%, नागौर में 12%, हनुमानगढ़ में 33%, बाड़मेर में 18%, बीकानेर में 4%, चूरू में 7% और जैसलमेर में 44% कम बारिश हुई है।

मई में ही मिल गया था कमजोर मानसून का संकेत

इस साल की स्थिति पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं है। भारतीय मौसम विभाग ने 29 मई को जारी अपने दूसरे चरण के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में जून-सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम मानसूनी बारिश की 84 प्रतिशत संभावना जताई थी। पूरे देश के लिए सीजन की बारिश दीर्घकालिक औसत की करीब 90 प्रतिशत रहने का अनुमान था। उत्तर-पश्चिम भारत में भी सामान्य से कम बारिश की संभावना सामान्य से अधिक बताई गई थी।

Updated on:
01 Sept 2026 04:12 pm
Published on:
01 Sept 2026 04:00 pm