
Congress Ex-MLA Divya Maderna - Pic Credit : X Handle
राजस्थान के जोधपुर जिले के मथानिया नगर पालिका चुनाव 2026 में नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगे, जिसके बाद पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा रातभर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) कार्यालय के बाहर धरने पर डटी रहीं। सोमवार की आधी रात के बाद तक चले मैराथन बैठकों और वार्ता के दौर के बाद मंगलवार को आखिरकार प्रशासन और दिव्या मदेरणा के बीच सहमति बन गई। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय थानाधिकारी (CI) और RO की भूमिका की जांच कराने तथा मथानिया और तिंवरी में अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात करने का लिखित आश्वासन दिया है।
मदेरणा का स्पष्ट कहना था कि चुनाव प्रक्रिया में सत्ता पक्ष और विपक्ष के लिए अलग-अलग नियम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
विवाद की मुख्य वजह नामांकन के आखिरी दिन समय सीमा समाप्त होने के बाद कार्यालय के भीतर लोगों को दी गई एंट्री को माना जा रहा है। दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि मथानिया में नामांकन दाखिल करने की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे समाप्त होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी को आरओ कार्यालय के भीतर जाने की अनुमति दी गई।
मदेरणा ने आरोप लगाया कि स्थानीय थानाधिकारी (CI) खुद गेट पर जाकर भाजपा नेताओं को रिसीव करके अंदर लेकर आए, जबकि कार्यालय के भीतर पहले से मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया गया।
प्रशासनिक कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाते हुए पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा अपने समर्थकों के साथ रातभर मथानिया RO कार्यालय के बाहर ही जमीन पर बैठी रहीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "जब दोपहर 3 बजे के बाद किसी भी व्यक्ति को नामांकन प्रक्रिया में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा सकती, तो फिर भाजपा के लोगों को अंदर जाने कैसे दिया गया? बंद गेट के बाद पुलिस अधिकारी उन्हें अंदर लेकर कैसे पहुंचे? क्या लोकतंत्र और संविधान में सत्ता पक्ष के लिए अलग और विपक्ष के लिए अलग नियम हैं? यह सिर्फ हमारी प्रत्याशी के साथ बदसलूकी नहीं, बल्कि चुनाव निष्पक्षता का सीधा अपमान है।"
रात करीब 3 बजे पुलिस और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों की एक टीम धरना स्थल पर पहुंची और दिव्या मदेरणा से वार्ता की, लेकिन उस समय अधिकारियों के रुख से असंतोष जताते हुए मदेरणा ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। मंगलवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दोबारा उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें मदेरणा द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर गंभीर मंथन किया गया।
विवादित थानाधिकारी (CI) और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
निकाय चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन का कोई भी अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं रहेगा।
चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मथानिया और तिंवरी नगर पालिका क्षेत्रों में दो-दो अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
पूरा चुनाव अब अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) के सीधे पर्यवेक्षण में संपन्न कराया जाएगा।
प्रशासन से सभी प्रमुख मांगों पर सहमति और लिखित आश्वासन मिलने के बाद पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने अपना धरना समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता को बचाना था।
अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती और एडीएम स्तर के अधिकारी की देखरेख में चुनाव कराए जाने के फैसले से मथानिया और आसपास के क्षेत्रों में चुनावी हलचल और तेज हो गई है।
राजस्थान नगर निकाय चुनाव 2026 से संबंधित किसी भी शिकायत, गाइडलाइंस और आधिकारिक अपडेट्स के लिए अधिकृत सरकारी डिजिटल पोर्टल्स का अवलोकन करें:
राज्य निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं दिशा-निर्देशों के लिए State Election Commission Rajasthan Portal पर विजिट करें।
जोधपुर जिला प्रशासन और चुनावी आदेशों के लिए Jodhpur District Official Portal का अवलोकन करें।
Updated on:
01 Sept 2026 01:01 pm
Published on:
01 Sept 2026 12:45 pm
