महात्मा गांधी दिव्यांग विश्वविद्यालय को छोड़कर जोधपुर में अन्य सभी सात विश्वविद्यालयों में कुलगुरु नियुक्त है। दिवाली से पहले तीन विश्वविद्यालयों में सरकार ने कुलगुरु की नियुक्ति की थी, लेकिन दिव्यांग विवि को सरकार भूल गई।
Mahatma Gandhi Divyang University: जोधपुर. महात्मा गांधी दिव्यांग विश्वविद्यालय को छोड़कर जोधपुर में अन्य सभी सात विश्वविद्यालयों में कुलगुरु नियुक्त है। दिवाली से पहले तीन विश्वविद्यालयों में सरकार ने कुलगुरु की नियुक्ति की थी, लेकिन दिव्यांग विवि को सरकार भूल गई। दिव्यांग विवि में दिसम्बर, 2024 से पद रिक्त है। वर्तमान में पुलिस विवि के कुलगुरु डॉ. आलोक त्रिपाठी के पास दिव्यांग विवि का अतिरिक्त प्रभार है।
तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने महाराष्ट्र में बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय की तर्ज पर फरवरी 2023 में जोधपुर में दिव्यांग विश्वविद्यालय स्थापित किया था। जेएनवीयू की प्रोफेसर डॉ. कुसुमला भण्डारी को विवि का संस्थापक कुलगुरु नियुक्त किया गया। प्रो. भण्डारी को दिसम्बर 2024 में निधन हो गया, जिसके बाद से यह पद खाली पड़ा है। हाल ही में विवि के लिए पूर्णकालिक रजिस्ट्रार के तौर पर हीना कल्ला की नियुक्ति की है। सरकार ने चौखा गांव में विवि के लिए 30 बीघा जमीन आवंटित की है, लेकिन यह अभी शुरुआती दौर में है। विवि की स्थापना के पौने तीन साल बाद भी सत्र शुरू नहीं हुआ।
तत्कालीन गहलोत सरकार ने दिव्यांग विवि के लिए 25 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया था। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के लिए 18 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी थी।
राज्य सरकार ने गत शनिवार को जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में प्रो. पवन कुमार शर्मा, आयुर्वेद विवि में प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल और कृषि विवि जोधपुर में डॉ. वीरेन्द्र सिंह जैतावत को कुलगुरु नियुक्त किया था। इसके अलावा एमबीएम विवि में प्रो. अजय शर्मा, पुलिस विवि में डॉ. आलोक त्रिपाठी, एलएलयू जोधपुर में प्रो. हरप्रीत कौर और मारवाड़ मेडिकल विवि में डॉ. एमके आसेरी पहले से ही बतौर कुलगुरु नियुक्त हैं।