
Photo and Video Credit : Jitendra Parihar/जोधपुर. 'मणिशंकर अय्यर मेरी पार्टी में होते तो निकाल देता।' समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह के इस बयान को लेकर राज्यसभा सांसद अमरसिंह ने रविवार को यहा निशाना साधा। सिंह ने कहा कि मुलायम का यह बयान बड़ी देर से आया है। अच्छा होता कि वे उत्तरप्रदेश के चुनाव के दौरान अपने बेटे और नेताओं के बयान पर लगाम लगाते।
सिंह रविवार को एक विवाह कार्यक्रम में शिरकत करने दिल्ली की फ्लाइट से जोधपुर आए थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाषा पर संयम बहुत आवश्यक है, लेकिन मुलायम ने उत्तरप्रदेश चुनाव के दौरान अखिलेश यादव के प्रधानमंत्री को ***** कहने और आजम खान के नपुंसक जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। चुनाव के दौरान शालीनता की द्रौपदी का खुलेआम अपहरण किया, लेकिन वे धृतराष्ट्र की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे।
सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अय्यर के प्रधानमंत्री को जातिसूचक अपशब्द कहने पर कहा कि क्या आप अब्राहम लिंकन को गाली देंगे। लिंकन ने बड़े गर्व से कहा था कि शू मेकर अमरीका का राष्ट्रपति है। उन्होंने देश के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का भी उदाहरण दिया और कहा कि देश में लोकतंत्र की ही ताकत है, जो चायवाला प्रधानमंत्री के पद पर बैठा है। कपिल सिब्बल के बयान चुनाव तक मंदिर नहीं बनना चाहिए पर सिंह ने कहा कि धर्म और चुनाव का आपस में कोई संबंध नहीं है। सिब्बल को चुनाव तक 'मंजन' नहीं करना चाहिए, चुनाव तक कोर्ट में नहीं जाना चाहिए।
करण जौहर और फि ल्म विश्लेषक कोमल नाहटा १६ को जोधपुर आएंगे
सेन्ट्रल एकेडमी संस्थान की ओर से 16 दिसम्बर को पाल रोड स्थित अमरगढ रिसोर्ट में आयोजित स्कूल एजुकेशन एक्सीलेंस शिखर सम्मेलन (एसईईएस) में शिक्षा और फि ल्म निर्माण से जुड़ी अनेक हस्तियां शिरकत करेंगी। प्रसिद्ध फि ल्म निर्माता-निर्देशक करण जौहर और फि ल्म विश्लेषक कोमल नाहटा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। सम्मेलन के मुख्य अतिथि केद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह होंगे। सेन्ट्रल एकेडमी संस्थान के निदेशक अंकुर पदम मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन में एनसीआरईटी की डॉ. कीर्ति कपूर, क्रिया लर्निंग के संस्थापक वेंकटेश दातला रेडडी, एफ एमएस उदयपुर के प्रो. करूणेश सक्सेना, आईआईएम इंदौर के प्रो. पीके सिंह, स्कीललैब्स के संस्थापक सीईओ डॉ. हिमेश शर्मा, अमरकंटक यूर्निवसिटी मध्यप्रदेश के प्रो. आशीष माथुर के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के समीक्षक व आलोचक भाग लेंगे।