वर्ष 2014 के चुनाव की बात करें तो उस समय आजमगढ़ में दो कैबिनेट, एक राज्य और आधा दर्जन दर्जा प्राप्त मंत्री थे। मुलायम सिंह यादव यहां से चुनाव लड़े तो भाजपा ने उनके खिलाफ रमाकांत यादव और बसपा ने शाहआलम को मैदान में उतारा। मुलायम ने खुद कहा था कि यहां के नेताओं के भरोसे रहता तो चुनाव हार जाता। उस चुनाव में मुलायम का पूरा कुनबा प्रचार के लिए आजमगढ़ में उतरा था तो मंत्रियों की फौज भी उतार दी गयी थी इसके बाद भी 58.4 प्रतिशत पोल मतों में मुलायम सिंह मात्र 340306 मत ही हासिल कर सके थे। यानि उन्हें मात्र 35.44 प्रतिशत मत मिला था। जबकि बीजेपी के रमाकांत यादव ने 277102 यानि 28.86 प्रतिशत मत हासिल किया था। बसपा को 27.76 प्रतिशत यानी 266528 मत मिले थे। मुलायम सिंह ने बीजेपी के रमाकांत यादव को मत्र 63204 मतों से पराजित किया था। बसपा को मिले मतों से साफ है कि उस समय जब सपा सत्ता में थी तब भी उसे मस्लिम मतदाताओं को खुलकर समर्थन नहीं मिला था।