स्कॉर्पियो कार का टायर फटा, कार टैंकर से टकराई, चार की मौत
जोधपुर . डांगियावास बाइपास पर मंगलवार दोपहर एक स्कॉर्पियो कार टायर फटने से सामने से आ रहे तेल के टैंकर से टकरा गई। हादसे में स्कॉर्पियो सवार चार जनों की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर घायल हो गए। घायलों को मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शव भी मोर्चरी में रखवाए गए हैं। हादसे के समाचार सुन कर परिजन बेहाल हो गए। सभी मृतक जोधपुर के झालामण्ड प्रभुनगर निवासी हैं।
डांगियावास थानाधिकारी सुरेश चौधरी के अनुसार दोपहर करीब सवा दो बजे एक स्कॉर्पियो कार जोधपुर की तरफ आ रही थी। इस दौरान अचानक कार का टायर फट गया। कार असंतुलित होकर पलट गई। कार सामने आ रहे एक टैंकर से जा टकराई। भिड़ंत इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार चार जनों की मौके पर मौत हो गई। जबकि कार सवार एक युवक और टैंकर सवार दो जने गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों व वाहन चालकों की भीड़ जमा हो गई। घायलों को अस्पताल लाया गया। उनका उपचार जारी है। पुलिस कार्रवाई जारी है।
दर्शन कर लौट रहे थे
मृतक के परिजनों का कहना है कि सुबह प्रभुनगर निवासी प्रकाश अपने परिजनों के साथ कार लेकर बोयल दर्शन करने के लिए गया था। वापस आते समय यह हादसा हुआ। कार प्रकाश चला रहा था। हादसे के समाचार सुन कर प्रभुनगर क्षेत्र में शोक छा गया।
मृतक व घायल
प्रभुनगर झालामण्ड जोधपुर निवासी प्रकाश (२०) पुत्र प्रेमाराम प्रजापत, सायरीदेवी (६५) पत्नी चंद्राराम प्रजापत, भींवराज (२२) पुत्र गिरधारीलाल प्रजापत व ज्योति (४५) पत्नी कैलाश प्रजापत की मौत हो गई। जबकि कार सवार हीरकियों की ढाणी झालामण्ड निवासी अर्जुनकुमार पुत्र घेवरराम प्रजापत, टैंकर चालक डांगियावास हाल जयसागर डेयरी चांदणा भाखर रोड जोधपुर निवासी राणाराम (३४) पुत्र भाकरराम विश्नोई व टैंकर सवार विश्नोइयों की ढाणी जालेली फौजदार निवासी आशीष (१३) पुत्र राणाराम विश्नोई घायल हो गए। इनका उपचार जारी है।
अपनों को खोकर फूट पड़ी रुलाई
नियति को कोसते परिजन, रो-रो कर पथराई आंखें और विलाप करते-करते बेसुध हो रहे परिजनों को ढाढस बंधाते लोग...। एेसा शोकमय माहौल डांगियावास-बनाड़ रोड पर मंदिर के दर्शन कर लौटते समय हादसे का शिकार हुए चार जनों के घरों में मंगलवार को रहा। हादसे की खबर जब परिजनों को मिली तो घर में हर कोई सिहर उठा।
अब कौन संभालेगा परिवार
हादसे में जान गंवा चुके युवक प्रकाश की शादी डेढ़ वर्ष पूर्व ही हुई थी। तीन माह पहले ही प्रकाश के घर लड़के ने जन्म लिया, लेकिन वो भी १० दिन बाद चल बसा। प्रकाश कमठा मजदूरी का कार्य करता था। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार कुल तीन भाइयों में प्रकाश सबसे बड़ा था। घर की जिम्मेदारियां उस पर ही थी। प्रकाश के परिजनों की आंखों से टपकते आंसुओं को देखकर कोई भी अपने आंसू नहीं रोक सका।
उठा पिता का साया
हादसे का शिकार भींवराज अपने परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़ा था। घर की स्थिति को देखते हुए पढ़ाई के साथ-साथ मजदूरी भी करता था। भींवराज के दोस्तों ने बताया कि वो हंसमुख प्रवृत्ति का होने के साथ ही हर किसी का सहयोग करने को तत्पर रहता था। भींवराज की शादी ३ साल पूर्व ही हुई थी। जिसके दो लड़कियां हैं। जिनमें से एक डेढ़ साल की है, वहीं दूसरी लड़की एक माह से भी कम समय की है। भींवराज की दादी सायरी देवी की भी इस हादसे में मौत हो गई।
मां बिन सूना हुआ संसार
लोडिंग टैक्सी चलाकर आजीविका चलाने वाले कैलाश प्रजापत को क्या पता था कि उसक ी पत्नी ज्योति (४५) अब उसे छोड़कर जा चुकी है। ज्योति के २ लड़के व १ लड़की है, जिनमें से लड़की की शादी हो चुकी है। ज्योति का भतीजा अपनी लाडली भुआ को खोने के गम से ही सदमे में है।
सूचना मिलते ही पहुंचने लगे रिश्तेदार
एक साथ चार लोगों के मरने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मृतकों के रिश्तेदार झालामंड स्थित घर पर पहुंचना शुरू हो गए। हर कोई परिजनों को इस तरह से ढांढ़स बंधा रहा था।