आज भी देशभर में कई लोग ऐसे हैं जो भूखे सो रहे हैं और कुछ खाने की बर्बादी कर रहे हैं। इस गैप को रॉबिनहुड आर्मी दूर करने में जुटी हुई है।
जोधपुर. इस साल अतिवृष्टि व सूखे के कारण प्रदेश अकाल का दंश झेलने को मजबूर है। ऐसे में खाने के सदुपयोग का महत्व खासा बढ़ जाता है। दुनियाभर में 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया से भुखमरी को दूर करना और सभी तक पर्याप्त भोजन उपलब्ध करवाना है। इस उद्देश्य के साथ रॉबिनहुड आर्मी भी देशभर में कार्यरत है। 26 अगस्त 2014 से शुरू हुई रॉबिनहुड आर्मी होटल, रेस्त्रां व बड़े आयोजनों में बचे हुए स्वच्छ खाने को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाती है। इसका लक्ष्य खाने की कम से कम बर्बादी और अधिक से अधिक लोगों का पेट भरना है। इसके चलते बिना किसी आर्थिक सहायता के संस्थान की ओर से नि:शुल्क सहायता दी जा रही है। उत्साही युवा संस्थान से जुड़ कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संस्थान का दावा है कि अब तक 90 लाख लोगों को भोजन करवाया जा चुका है। इससे कोई भी जुडकऱ खाद्य सामग्री संस्थान को दान दे सकता है। संस्थान ने साल 2016 में जोधपुर में अपनी शाखा का उद्घाटन किया था। यहां 300 से अधिक कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले दिनों केरल में आई आपदा में भी संस्थान की जोधपुर शाखा की ओर से खाद्य सामग्री भेजी गई थी।
शिक्षा का फैला रहे उजियारा
संस्थान से जुड़े अक्षयराज ने बताया कि भोजन उपलब्ध करवाने के बाद संस्थान अब बच्चों को शिक्षित करने का कार्य भी करने में जुट गई है। रॉबिनहुड एकेडमी के तहत जरूरतमंद बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसका मकसद बच्चों को सक्षम कर अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाना है। अब तक 207 बच्चों का दाखिला करवाया जा चुका है।
United Nations मना रहा है जीरो हंगर
विश्वभर में मनाए जा रहे इस दिवस के तहत संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की ओर से हैशटैग जीरो हंगर कैंपेन चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जरूरतमंदों तक पर्याप्त भोजन उपलब्ध करवाना है। इस कैंपेन के तहत यूएन ने लोगों से अपील की है कि खाने का दुरुपयोग न किया जाए, कम संसाधनों के साथ अधिक उपज करना, स्वस्थ आहार मुहैया करवाना और अच्छी जीवनशैली को अपनाना प्रमुख है। इस कैंपेन के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों से यूएन दुनियाभर के 3 अरब बच्चों का जीवन संरक्षित कर रहा है। इस वर्ष की थीम ‘हमारे कार्य ही हमारा भविष्य है : 2030 तक विश्व में भुखमरी को न्यूनतम करना’ रखी गई है। इस साल का आयोजन अमरीका के बेलीज शहर में आयोजित किया जाएगा।