महिला सरपंच सुमन चौधरी ने महिला सम्मेलन का आयोजन रखा
चामू/जोधपुर. अमूमन पुरुष अपने मनोरंजन के लिए कड़ी मशक्कत वाले खेलों और प्रतियोगिताओं को महत्व देते हैं और महिलाओं के हिस्से नृत्य, गायन व रसोई जैसी प्रतियोगिताएं ही हाथ आती हैं। ग्रामीण महिलाओं का रोजमर्रा का जीवन सुबह से लेकर शाम तक घरेलू कार्य व खेती के कामों में बीतता है। रचनात्मकता, गायन व नृत्य ऐसी कलाएं है जो महिलाओं में स्वाभाविक रूप से होती है लेकिन ग्रामीण परिवेश के जीवन में उन्हें इनके प्रकटीकरण का अवसर नहीं मिलता है।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए चामू के गगाड़ी ग्राम पंचायत की युवा एवं उच्च शिक्षित महिला सरपंच सुमन चौधरी ने महिला सम्मेलन का आयोजन रखा। इस सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण और उनके उत्थान संबंधी बहुत से आयोजन हुए। इसमें महिलाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और इसका भरपूर आनंद भी उठाया। इस सम्मेलन में दिनभर गायन, नृत्य व खेल स्पर्दाएं आयोजित हुई। गांव की अनपढ़ व खेतीहर महिलाओं ने अपने सुरीले कंठ से राजस्थानी गीतों की एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दी। इस सम्मेलन में महिलाओं को अतीव आनंद, उत्साह व मनोरंजन की शानदार अनुभूति हुई।
कबड्डी सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित
ये पेशेवर व साधारण परिवार की महिलाएं जब खेल के मैदान में उतरी तो दृश्य अविस्मरणीय बन गया। रस्साकशी में भी महिलाओं ने जोर आजमाईश की। बार-बार गिरती और पुन: उसी जोश के साथ अपने दल को जिताने में लग जाती है। इसी के साथ लंबी कू द, ऊंची कू ंद, म्यूजिकल चेयर आदि खेल स्पर्धाएं भी आयोजित हुईं।
सिर्फ महिलाओं का प्रवेश
आनंद, उत्साह व एकदम स्वतंत्र होकर अपनी अंतर्निहित रचनात्मक क्षमताओं को प्रकट करें व नि:संकोच होकर भाग ले। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुरुषों का प्रवेश निषेध रखा गया। कार्य शुभारंभ से पूर्व पुरुषों को पांडाल से बाहर भेज दिया गया। दिनभर चले कार्यक्रम का सरपंच सुमन चौधरी संचालन किया।
चिकित्सा शिविर आयोजित
इस दिन विशाल चिकित्सा शिविर का आयोजन भी रखा गया। जिसमें आस-पास क्षेत्र गांवों के सैंकड़ों मरीजों ने विभिन्न रोगों से संबंधित स्वास्थ्य जांच करवाकर चिकित्सकों से परामर्श लिया एवं इलाज करवाया।