Sadhvi Prem Baisa: साध्वी प्रेम बाईसा की मौत भले ही अस्थमा व कार्डियक अरेस्ट व शॉक से हुई थी, लेकिन साध्वी की जान बचाई जा सकती थी।
Sadhvi Prem Baisa Death Asthma Attack: जोधपुर। पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत भले ही अस्थमा व कार्डियक अरेस्ट व शॉक से हुई थी, लेकिन साध्वी की जान बचाई जा सकती थी। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह साफ होने के बाद भी 3 बड़े सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।
गत 28 जनवरी की सुबह साध्वी प्रेम बाईसा को सांस लेने में परेशानी होने लग गई थी। दोपहर 12 बजे मेल नर्स को कॉल किया गया था, लेकिन वह शाम चार बजे आश्रम पहुंचा और इंजेक्शन लगाए थे। तब तक साध्वी की हालत और गंभीर हो चुकी थी। आश्रम में मौजूद पिता विरमनाथ व सेवादार यदि साध्वी को दोपहर में ही अस्पताल ले जाते तो जान बच सकती थी।
1. साध्वी प्रेम बाईसा की हालत गंभीर होने के बावजूद उन्हें समय पर अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया?
2. कम्पाउण्डर को आश्रम बुलाकर इंजेक्शन क्यों लगवाए गए?
3. कम्पाउण्डर ने जो इंजेक्शन लगाए थे वो खुद लेकर आया था अथवा आश्रम में पहले से ही रखे हुए थे?
डॉ राजेश अग्रवाल फिजिशियन का कहना है कि अस्थमा अटैक या सांस लेने में कठिनाई होने पर मरीज स्पाज्म में चला जाता है। उसकी सांस रूक जाती है। ऐसी स्थिति में मरीज का घर पर इलाज संभव नहीं है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। इस दौरान लाइफ सेविंग के तौर पर डेक्सोना इंजेक्शन लगाया जाता है, लेकिन यह धीरे-धीरे असर करता है।
अस्थमा वाले मरीज को अस्थमैटिक अटैक होने पर वो स्पाज्म में जाता है। जो मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति होती है। जब अस्थमा बहुत गंभीर होता है। तब सांस नलियों के आसपास की मांसपेशियां बहुत कस जाती है। इससे हवा का अंदर-बाहर जाना लगभग बंद हो जाता है।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह अस्थमा का अटैक था। साध्वी प्रेम बाईसा को फेफड़े संबंधी बीमारी थी। 28 जनवरी को आश्रम में साध्वी को कार्डियक अरेस्ट आया था और उससे शॉक जनरेट होने के बाद मृत्यु हो गई थी। एफएसएल हिस्टोपैथेलॉजिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मेडिकल बोर्ड को रिपोर्ट में साध्वी की मृत्यु का यह कारण सामने आया है। इंजेक्शन से रिएक्शन से मृत्यु की आशंका के चलते पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से दोबारा अंतिम रिपोर्ट मांगी है।
साध्वी की मौत की जांच के दौरान पुलिस ने सम्पत्ति संबंधी विवाद बीमा और पूर्व में दर्ज मामलों में आरोपियों से रंजिश के पहलू पर भी जांच की थी, लेकिन मृत्यु के संबंध में कोई संबंध नहीं होना पाया गया।