- ब्राह्मण समाज शिविरों के माध्यम से नई पीढ़ी को जोड़ रहे वैदिक संस्कृति से
जोधपुर।
गर्मी की छुट्टियों का सदुपयोग करने के लिए बच्चे कई तरह के कोर्स ज्वॉइन करते है। बच्चे अपनी स्किल बढ़ाने के लिए
स्पोर्ट्स, पेंटिंग, डांस एक्टिविटी तो कोई तकनीकी कोर्स सीख रहे है। वहीं ब्राह्मण समाज नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहा है और बच्चों को वैदिक संस्कृति से रूबरू करा रहा है। भीतरी शहर ब्रह्मपुरी में वेद वेदांग संस्थान की ओर से बालक-बालिकाओं को निशुल्क वेदाध्ययन कराया जा रहा है।
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5 दशक पहले हुई वेद वेदांग सस्थान की स्थापना
पं रामदत्त अग्निहोत्री की ओर से संचालित ऋषिकुल से प्रेरित होकर करीब पांच दशक पूर्व श्रीमाली ब्राह्मण समाज के विद्वानों ने वेद वेदांग संस्थान की स्थापना की। तब से अब तक ब्राह्मण बालक-बालिकाओं को गर्मी की छुट्टियों में वेद शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान में पं बिहारीलाल बोहरा के संरक्षण में पं नंदकिशोर ओझा, पं नरनारायण बोहरा, पं सुरेन्द्र दवे व बालिकाओं को राजलक्ष्मी, श्रेया पढ़ा रही है।
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बालक वेद मंत्र तो बालिकाएं सीख रही स्त्रोत-स्तुति
बालकों को संध्यावंदन, भद्रसूक्त, पंच देव नमस्कार, गणपति पूजन, स्वस्ति वाचन, ब्रह्मार्पणम सहित सस्वर रुद्राष्टाध्यायी सिखाई जा रही है। वहीं बालिकाओं को स्तुति-स्त्रोत व पारम्परिक मांडणों का ज्ञान दिया जा रहा है
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महामंदिर शिवबाड़ी वैदिक संस्कार शिविर शुरू
महामंदिर श्रीमाली ब्राह्मण सामाज व अखिल भारतवर्षीय श्रीमाली ब्राह्मण सामाज के संयुक्त तत्वावधान में महामंदिर शिवबाड़ी में शिविर चल रहा है। शिविर संयोजक चंद्रशेखर दवे, पं जीवनकिशोर जोशी, नन्दकिशोर, विनीत दवे, प्रदीप दवे, पं अभिषेक जोशी आदि बालक-बालिकाओं को वेद मंत्र सिखा रहे है।
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पुष्करणा समाज का संस्कार शिविर शुरू
पुष्करणा ब्राह्मण समाज की ओर से संस्कार शिविर आयोजित किया जा रहा है। पं राजेंद्र कृष्ण बिस्सा व डॉ नितेश व्यास के सानिध्य में बालक-बालिकाओं ने सर्वे भवंतु सुखिनः व गणपति स्तुति का अभ्यास कर रहे है। कार्यक्रम संयोजक एवं मुख्य प्रशिक्षक डॉ संजय बोहरा ने संस्कृति व संस्कार के बारे में बताया। शिविर संरक्षक अश्विनी व्यास ने बताया कि 25 प्रशिक्षुशिविर में भाग ले रहे है। आगामी दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। राजेंद्र कृष्ण ने 16 संस्कारों के बारे में जानकारी दी ।
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