जोधपुर

3 साल से बुजुर्गों को झटका दे रही है भारतीय रेलवे, इस रिपोर्ट से हुआ बड़ा खुलासा, जानिए कैसे

आपदा को अवसर बना रेल किराए में बुजुर्गों को दी जाने वाली रियायत को बंद किए तीन साल से ज्यादा वक्त हो गया है, अब सरकार इस छूट को पुन: बहाल करने के मूड में नहीं लग रही है
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Jul 18, 2023
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जोधपुर। आपदा को अवसर बना रेल किराए में बुजुर्गों को दी जाने वाली रियायत को बंद किए तीन साल से ज्यादा वक्त हो गया है, अब सरकार इस छूट को पुन: बहाल करने के मूड में नहीं लग रही है। सरकार ने कोरोना काल में आपात स्थिति को अवसर बनाते हुए न्यूनतम किराया भी दस रुपए से बढ़ाकर तीस रुपए कर दिया था। वह भी आज तीन साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी वापस कम नहीं किया है।

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समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति का ध्यान रखने के दावा यहां खोखला साबित हो रहा है। पहले ही नम्बर वन स्टेशन के दावे करने वाले बड़े-बड़े स्टेशनों के पुनर्निर्माण के लिए तो सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन बुजुर्गों को छूट देने की बात पर सरकार रेलवे पर बोझ पड़ने का हवाला दे रही है। रेल किराए में किसी भी श्रेणी का टिकट लेने पर बुजुर्ग महिला को 50 फीसदी और बुजुर्ग पुरुष को 40 फीसदी की छूट दी गई थी। इसका लाभ लेने के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु 58 वर्ष और पुरुषों की न्यूनतम आयु 60 वर्ष होनी चाहिए थी । अब यह छूट नहीं मिल रही है।

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सवारी गाड़ियों को या तो स्पेशल का दर्जा दे दिया और कुछ ट्रेनों को सवारी गाड़ी से एक्सप्रेस बना किराया बढ़ा दिया, जबकि यह ट्रेनें पैसेंजर ट्रेनों की तरह सभी स्टेशनों पर ठहराव करती है। पहले मेड़ता रोड-रतनगढ़ सवारी गाड़ी में रेण से मेडता रोड का किराया 10 रुपए था, जो अब तीन गुना बढ़कर 30 रुपए हो गया। रेण से जोधपुर 30 रुपए किराया था, जो बढ़कर 60 रुपए हो गया। उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण का कहना है कि ट्रेनों के किराए के मामले में निर्णय रेलवे मंत्रालय से होते है।

Published on:
18 Jul 2023 01:39 pm