जोधपुर

इस चीज का प्रतिदिन सेवन करने से बढ़ेगी यौन ताकत, नहीं रहेगी कमजोरी

-यौन समस्याओं के समाधान पर बोले प्रसिद्ध सैक्सोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ. प्रशांत कोठारी-भ्रांतियां छोड़ नशे व दवाओं से रहें दूर, तनाव से बचने की सलाह दी
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Feb 03, 2019
Sexual energy will increase due to consuming this thing daily
इस चीज का प्रतिदिन सेवन करने से बढ़ेगी यौन ताकत, नहीं रहेगी कमजोरी

जोधपुर.
यह खबर उन लोगों के लिए जरूरी है, जो अपनी शारीरिक दुर्बलता के कारण खुद को यौन रोग से ग्रसित मान बैठे हैं। एशिया के प्रसिद्ध सैक्सोलॉजिस्ट पद्मश्री डॉ. प्रकाश कोठारी के अनुसार अधिकतर सामान्य यौन समस्याएं दिमाग से ही जुड़ी है। यदि दिमाग में किसी भी तरह का तनाव व भ्रांति नहीं है तो ऐसे व्यक्ति को कोई यौन समस्या नहीं होगी। लेकिन जागरूकता के अभाव में कई लोग भ्रांतियों के शिकार हो जाते हैं।

भ्रांतियों व समझ के अभाव में लोग सेक्सुअल पॉवर बढ़ाने के लिए बाजार में दुष्प्रचारित दवाओं, नशे की चीजों का सेवन करते हैं। ऐसी चीजें कुछ दिन तो शारीरिक शक्ति बढ़ा देती है, लेकिन ऐसी चीजें शरीर के लिए बेहद घातक सिद्ध होती है।
चर्म व रति रोग एवं मनोरोग रोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित सीएमई में पद्मश्री डॉ. कोठारी ने कहा कि जीवन को तनाव व दवा या नशे से रहित रखना चाहिए। क्योंकि शॉर्ट टर्म राहत के रूप में एल्कोहल या पॉवर टॉनिक या अन्य नशे की चीजें सेवन कर लेते हैं। ऐसी चीजें न केवल शरीर के लिए घातक होती है, बल्कि लीवर व किडनी को कमजोर कर देती हैं। बिना चिकित्सक परामर्श से बाजार से कोई भी दवा नहीं खरीदनी चाहिए।

जबकि यदि किसी को समस्या है तो लॉंग टर्म यानि योग-व्यायाम के जरिए या अच्छा भोजन लेकर भी ताकत बढ़ाई जा सकती है। जैसे उड़द की दाल के सेवन से भी यौन ताकत बढ़ती है। सवालों के जवाब में डॉ. कोठारी ने कहा कि बच्चों को यौन शिक्षा देने के लिए सबसे अहम मार्गदर्शक पैरेंट्स ही हो सकते हैं। यौन शिक्षा मतलब यह नहीं है कि बच्चों को वह सब बताया जाएं जो वो नहीं जानते। बल्कि उन्हें वह आचरण करना सीखाना है, जिसके वे अभ्यस्त नहीं है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद गजसिंह ने भाग लिया। आयोजन सचिव डॉ. दिलीप कच्छावाहा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य डॉ. एस.एस. राठौड़, एमजीएच अधीक्षक डॉ. महेश भाटी, उम्मेद अस्पताल अधीक्षक डॉ. रंजना देसाई, डॉ. विकास राजपुरोहित आदि कई चिकित्सकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन मशहूर उद्घोषक जफर खां सिंधी ने किया। मनोरोग विभाग के डॉ. जी.डी. कूलवाल ने सभी का आभार जताया।


यह दी ब्रह्मचर्य की परिभाषा-
डॉ. कोठारी ने ब्रह्मचर्य जीवन के सिद्धांत की अपने तरीके से व्याख्या की। उन्होंने कहा किसी भी धर्मग्रंथ में यह नहीं लिखा कि यौन संबंध बनाने से पाप होता है और यदि पाप होता तो भगवान-देवताओं आदि की पत्नियां नहीं होती। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य का अर्थ आत्मा की शोध करना है। लेकिन जिस तरह से मल-मूत्र को रोक नहीं सकते, उसी तरह शरीर में बनने वाले अन्य तत्व को रोकने का प्रयास शरीर के लिए नुकसानदेह है।

Updated on:
03 Feb 2019 10:33 pm
Published on:
03 Feb 2019 10:33 pm