जोधपुर

SI Paper Leak Case में रोचक खुलासा, एक अहसान के बदले सरगना ने हिस्ट्रीशीटर को फ्री में दिया था पेपर, जानिए क्यों

SI Paper Leak Case : पुलिस उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर भर्ती परीक्षा-2021 का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रोचक खुलासा हुआ है।
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Mar 30, 2024
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SI Paper Leak Case : पुलिस उप निरीक्षक/प्लाटून कमाण्डर भर्ती परीक्षा-2021 का प्रश्न पत्र लीक करने के मामले में रोचक खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में कुड़ी भगतासनी थाने के हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर श्रवणराम बाबल को गिरोह के सरगना जगदीश बिश्नोई ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र दिया था, जिसे हिस्ट्रीशीटर ने सॉल्व करवाकर पुत्री चंचल बिश्नोई को पढ़वाया था और फिर उसने कोटा में परीक्षा दी थी। पुलिस व एसओजी को अंदेशा है कि श्रवण ने कई और अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न पत्र भेजा होगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रकरण में फिटकासनी निवासी हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर श्रवणराम बाबल दस दिन के लिए एसओजी की रिमाण्ड पर है। उसे कुड़ी भगतासनी थाना पुलिस ने पकड़कर एसओजी को सौंपा था। पूछताछ के बाद एसओजी ने उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे दस दिन के लिए रिमाण्ड पर भेजा है। उससे पूछताछ की जा रही है।

कई और अभ्यर्थियों को दिए थे लीक प्रश्न पत्र
श्रवणराम ने अभी तक पुत्री चंचल बिश्नोई को लीक प्रश्न पत्र से थानेदार बनवाना कबूला है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने कई और अभ्यर्थियों को भी एसआइ व अन्य परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक करके बेचे होंगे।

आठ साल पहले जेल में हुआ था सम्पर्क
श्रवणराम बाबल के खिलाफ अनेक मामले दर्ज हैं। श्यामलाल जुड की हत्या करने पर वह जेल में सजा काट रहा था। तब वर्ष 2016 में पेपर लीक गिरोह का सरगना जगदीश बिश्नोई भी जेल में बंद रहा था। इस दौरान दोनों में सम्पर्क हो गया था। श्रवण ने जगदीश से लीक प्रश्न पत्र बेचकर रुपए कमाने के बारे में बात की थी।

विवाद का निस्तारण करवाया तो फ्री में दिया प्रश्न पत्र
पेपर लीक सरगना जगदीश की एक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जेल से बाहर आने पर श्रवणराम ने उस जमीन विवाद का निस्तारण करवाया था। इसके बाद दोनों में घनिष्ठता बढ़ गई थी। श्रवण ने पुत्री चंचल का एसआइ भर्ती परीक्षा का आवेदन पत्र भरवाया था। जगदीश ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल कर लिया था। चूंकि उसने जमीन विवाद का निस्तारण करवाया था इसलिए जगदीश ने बगैर रुपए लिए प्रश्न पत्र श्रवण को दिया था। हालांकि एसओजी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

Published on:
30 Mar 2024 12:40 pm