
जोधपुर . पच्चीस वर्षीय गरतार सिंह जब जिंदा था, तो जहरीले सांप ने सांसें छीन ली। खैर होनी को कोई नहीं टाल सकता। मौत अपना काम कर गई। इसके बाद रविवार सुबह महात्मा गांधी चिकित्सालय में जो हुआ उसे देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। इस बार अव्यवस्था ने शव की दुर्गति करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सुबह सांप के काटने से एक युवक ने अस्पताल के वार्ड में दम तोड़ दिया। अनदेखी का आलम यह था कि तीन घंटे तक शव नहीं उठाया गया। इस दौरान अपने पुत्र की लाश से लिपटकर उसका पिता रोता रहा। वह चिकित्सकों से मिन्नतें करता रहा, लेकिन उसकी नहीं सुनी।
हुआ यंू कि अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में भर्ती गरतार सिंह 25 पुत्र हाकम सिंह ने सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत के बाद शव को ले जाने के लिए पिता ने कई बार चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों से मिन्नतें की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। बेबस हाकम सिंह करीब तीन घण्टे तक बैड नम्बर 28 पर पड़े अपने बेटे के शव से लिपट कर रोता रहा। यह घटनाक्रम पत्रिका संवाददाता ने देखा और मृतक के परिजनों से बात की। इसके बाद चिकित्साकर्मी सक्रिय हुए। तत्काल शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।
मृतक गरतार के पिता हाकम सिंह मूलत: कुंडल गांव पंजाब, ने बताया कि वे शिव गोटन में परिवार सहित कपास के खेत में मजदूरी करते हैं। गत शनिवार शाम खेत में गरतार को सांप ने काट लिया। उसे गोटन के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत नाजुक होने पर रविवार सुबह उसे जोधपुर रैफ र कर दिया गया। यहां महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में गरतार ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के एक लड़का और लड़की है।
मोर्चरी में रखवाया जाता है शव
नियमानुसार इस तरीके की मौत में शव सीधा मोर्चरी में रखवाया जाता है। वार्ड में मौजूद चिकित्साकर्मी शव को स्वीपर के जरिए मोर्चरी में भिजवाते हैं।
मामला गंभीर, करवाएंगे जांच
मुझे इस बारे में किसी से कोई सूचना नहीं मिली। इस तरह की बात है, तो मामला गंभीर है। इसकी पूरी जांच करेंगे।
डॉ पीसी व्यास, अधीक्षक, महात्मा गांधी चिकित्सालय