जोधपुर के रेलवे अस्पताल के केबिन वार्ड में एक युवक ने मरीज की बेटी को जांच कराने भेज कर मोबाइल चुराया।
जोधपुर के रेलवे अस्पताल के केबिन वार्ड में भर्ती मानसिक बीमार वृद्ध की पुत्री को आवश्यक जांचें करवाने के लिए भेज एक युवक ने चार्ज में लगा मोबाइल चुरा लिया। पास ही एक अन्य पलंग पर भर्ती पत्नी ने उसे पकडऩे का प्रयास किया, लेकिन युवक मोबाइल लेकर भाग निकला। आश्चर्यजनक रूप से रातानाडा थाना पुलिस ने चोरी की एफआईआर की बजाय गुमशुदगी दर्ज की।
मानसिक बीमार
जानकारी के अनुसार शहर के भीतर होली का चौक निवासी जितेन्द्र दाधीच सेवानिवृत्त रेलवेकर्मी हैं। मानसिक बीमारी के चलते वो रेलवे अस्पताल में भर्ती हैं। पेट दर्द के कारण पत्नी भी उसी अस्पताल में भर्ती है। दोनों का अस्पताल के केबिन वार्ड में इलाज चल रहा है। दोपहर में एक अज्ञात व्यक्ति वहां आया और वहां मौजूद जितेन्द्र की पुत्री मनीषा को अर्जेंट जांच कराने के लिए पास स्थित कमरे में भेज दिया। जबकि चिकित्सक ने कोई जांच कराने का नहीं लिखा था। वह चार्ज से निकाल कर मोबाइल ले जाने लगी तो उस युवक ने मना कर दिया। पीछे से उस युवक ने मोबाइल उठाया और रवाना होने लगा। यह देख पास ही पलंग पर लेटी जितेन्द्र की पत्नी ने उसे पकडऩे का प्रयास किया और मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन वह युवक खुद को छुड़ा कर मोबाइल ले भागा।
मोबाइल गायब था
युवती केबिन में लौटी तो मोबाइल गायब था। उसने अस्पताल के प्रभारी से शिकायत की तो सामने आया एेसी चोरियां कई बार हो चुकी हैं। इसके बावजूद अस्पताल में एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं है। बाद में युवती थाने पहुंची और लिखित शिकायत दी। आंखों के सामने मोबाइल चोरी होने की शिकायत को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर इतिश्री कर ली।
अस्पतालों में चोरी आम बात
जोधपुर के सरकारी अस्पतालों से मोबाइल चोरी होना आम बात हो गई है। महात्मा गांधी, उम्मेद और मथुरादास माथुर अस्पताल में मरीजों के तीमारदार रात को वहां सोते हैं तो सुबह उन्हें मोबाइल नहीं मिलता है।