जोधपुर

प्रेमी के मिलन में बाधा बने थे परिवार वाले, इसलिए फंदे पर झूल गई महिला सिपाही, देखें वीडियो

वह थी करती अन्य युवक से प्यार, परिवार के लोग बने थे बाधा, परिवार वालों ने उसकी इच्छा के विपरित कर दिया था गौना
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Updated: 11 Jan 2018, 9:37 PM IST
Suicide Case of Lady Police

जोधपुर/बासनी.
प्यार के अधिकतर मामलों में कानून के रखवाले ही प्रेमी युगलों की मदद करते हैं, लेकिन यहां तो प्यार को पाने में असफल हुई खुद कानून की रखवाली ही जिन्दगी से हार गई। परिवार वाले प्यार के बीच ऐसी बाधा बने कि उसने अपने प्रेमी को बेकसूर साबित करने के लिए फंदा लगाकर जान दे दी।
यह दास्तान है कि ओसियां क्षेत्र की रहने वाली एक महिला सिपाही की जिसने पीहर में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला खत्म कर डाली।

आत्महत्या से पहले उसने कुछ वीडियो बनाए थे जो वायरल हो गए। जिसमें उसने एक अन्य युवक से प्रेम करने और परिवार पर दोनों को मिलने न देने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल ओसियां थाने में मर्ग दर्ज किया गया है। ओसियां एसडीएम जांच कर रहे हैं।

ओसियां थानाधिकारी नेमाराम ने बताया कि मूलत: सिरमण्डी हाल मथानिया थानान्तर्गत भैंसेर कोतवाली निवासी कांस्टेबल सरोज (24) पत्नी पुखराज पुत्री सांवताराम मेघवाल सिरमण्डी स्थित पीहर के कमरे में पंखे के हुक पर चुन्नी के फंदे से लटकी मिली थी। उसने बुधवार रात खुद को कमरे में बंद कर लिया था। भाई की सूचना पर पुलिस रात को उसके पीहर पहुंची थी और दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसी तो वह पंखे के हुक पर लटकी मिली। उसकी मृत्यु हो चुकी थी। ओसियां के राजकीय सामुदायिक स्वाथ्य केन्द्र में गुरुवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंपा गया है। मृतका के भाई राजेन्द्र की शिकायत पर मर्ग दर्ज किया गया है।

अक्टूबर में हुई थी शादी

पुलिस का कहना है कि मृतका के पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और बाड़मेर में नौकरी करते हैं। उसका एक भाई जोधपुर में हैड कांस्टेबल व दूसरा कांस्टेबल है। सबसे छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। बड़ी बहन की शादी हो रखी है। वह खुद वर्ष 2015 बैच की सिपाही थी। अक्टूबर में ही उसका गौना पुखराज से हुआ था, लेकिन दो दिन ससुराल में रहने के बाद वह पीहर आ गई थी। गौने को सात साल से कम होने के कारण एसडीएम गोपाल परिहार जांच करेंगे।

भाई ने युवक पर अपहरण की कराई थी एफआईआर

कांस्टेबल सरोज व भदवासिया में रविदास नगर निवासी हेमंत एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन घरवालों ने सरोज की शादी दूसरी जगह करवा दी थी। गौने के एक महीने बाद ही सरोज व हेमंत घर से भाग गए थे। हैड कांस्टेबल भाई ने हेमंत के खिलाफ बहन सरोज को भगाकर ले जाने का मामला रातानाडा थाने में दर्ज कराया था। घरवालों ने कुछ ही दिन बाद सरोज को जयपुर से ढूंढ निकाला था। जांच अधिकारी एएसआई जगदीश प्रसाद ने बताया कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज सीआरपीसी की धारा 164 के बयान में सरोज ने खुद की मर्जी से हेमंत के साथ खुद की इच्छा से जाने की जानकारी दी थी। एेसे में एफआर लगा दी गई थी।

वीडियो में आरोप, गला दबाने का किया था प्रयास

आत्महत्या के बाद मृतका सरोज के चार वीडियो वायरल हुए हैं। जिसमें सरोज का कहना है कि वो हेमंत से प्यार करती है, लेकिन परिवार के लोग उन्हें एक नहीं होने दे रहे हैं। उससे हेमंत के खिलाफ जबरन एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसकी आंखों के सामने भाई ने हेमंत का गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया गया था। मैंने उन्हें छुड़ाया था। मेरे चाचा पुखाराम व भाई शिवलाल एफआईआर दर्ज कराने के लिए उससे हेमंत के खिलाफ गलत संदेश भेजने व गालियां देने की जबरन रिपोर्ट लिखवाई थी। जबकि हेमंत ने एेसे कोई मैसेज नहीं किए थे। उसने खुद ने युवक को फोन किए थे। अगर उसे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी हेमंत की नहीं बल्कि परिवार वालों की होगी। वीडियो के मुताबिक सरोज ने यह वीडियो दो नवम्बर को बनाए थे और फिर हेमंत को भी भेजे थे।

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11 Jan 2018, 9:37 PM IST
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