
जोधपुर. आजकल हर कोई रैप गाने गुनगुनाता नजर आता है, लेकिन इंग्लिश व हिंदी गानों के बढ़ते प्रभाव के बीच शहर में एक ऐसा कलाकार भी है जो मारवाड़ी में रैप सॉन्ग गाकर तालियां बटोर रहा है। जोधपुर जिले के सालावास के रहने वाले सुमेरराम खदाव रैप गानों की दुनिया में सुमसा (Sumsa Supari) सुपारी के नाम से जाने जाते हैं। अब तक दर्जन भर मारवाड़ी व हिंदी रैप गाने गा चुके सुमेर बड़े मंचों पर अपनी कला से प्रसिद्धि पाने को तैयार है। सुमेर ने बताया कि बचपन से ही गाने सुनने का शौक था। किसान परिवार का बेटा होने के चलते खेत के कामों में परिवार का हाथ बंटाया करते थे। हनीसिंह का प्रशंसक होने के चलते दिनभर रैप सॉन्ग गुनगुनाते थे। यहीं से दिमाग में आइडिया आया कि कुछ ऐसा किया जाए जिससे मारवाड़ी गानों को भी रैप सॉन्ग के रूप में गाया जा सके। इसके बाद अन्य कलाकारों के सहयोग से वर्ष 2016 में जोधपुर एंथम बनाया। जिसे काफी सराहना मिली।
दस लाख लोगों ने देखा गाना
जोधपुर एंथम के बाद बाद 2017 में सुमेर ने जोधपुर से जुड़ा एक ओर गाना शहर म्हारो जोधपुर साथी कलाकार जागीरदार आरवी, हर्ष व्यास, पीके निम्बार्क के साथ मिलकर गाया। जिसे दस लाख से अधिक लोगों ने देखा। परिवारिक जिम्मेदारियों के चलते 22 माह इंडस्ट्री से दूर हो गए। इसके बाद वर्ष 2019 में उड़ता तीर गाना लिखा। इसके एक ही रात में लिखे गए इस गाने को लाखों दर्शकों ने देखा। इसके अलावा राजस्थानी पार्टी रैप सॉन्ग, पार्टी राजस्थान की, संस्कृति आदि गाए। सुमेर ने बताया कि उनका सपना राजस्थानी रैप सॉन्ग को देशभर में पहचान दिलाना है।