जोधपुर

शिक्षक के रजिस्ट्रार बनाने पर कुलपति भी नहीं बता पाए नियम, हंगामे की भेंट चढ़ रहीं जेएनवीयू की बैठकें

जेएनवीयू की एकेडमिक काउंसिल में हंगामा
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Updated: 11 Jan 2018, 12:49 PM IST
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जोधपुर . जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की बुधवार को हुई एकेडमिक काउंलिस की बैठक में कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. प्रदीपकुमार शर्मा (बी) को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। शिक्षकों ने विवि के एक शिक्षक के पिछले ८ महीने से रजिस्ट्रार बनने पर एेतराज जताया। सिंडिकेट सदस्य व इंजीनियरिंग संकाय के प्रो. अखिलरंजन गर्ग ने जब कुलपति प्रो. आरपी सिंह से रजिस्ट्रार बनाने का नियम पूछा तो वे गोलमाल जवाब देने लगे। जेएनवीयू स्पोट्र्स बोर्ड के सचिव प्रो. बाबूलाल दायमा और मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. एलएन बुनकर ने भी प्रो. गर्ग के सुर में सुर मिलाए।

ढाई घंटे तक चली बैठक में रजिस्ट्रार पर पौन घंटे तक बहस चलती रही। परीक्षा नियंत्रक प्रो. जैताराम विश्नोई ने उठ कर प्रो. शर्मा का पक्ष लेने की कोशिश की, लेकिन अन्य शिक्षकों ने उन्हें बैठा दिया। बैठक में प्रो. शर्मा के दो दिन पहले प्री पीएचडी प्रवेश परीक्षा एमपीईटी का चार्ज खुद के पास लेने को लेकर भी शिक्षकों ने विरोध किया। शिक्षकों का कहना था कि प्रो. शर्मा की बेटे की पत्नी ने परीक्षा दी है। एेसे में नैतिकता के नाते उन्हें चार्ज वापस दे देना चाहिए। बैठक में हंगामा होते देख आखिर कुलपति को प्रो. गर्ग के पॉइंट ऑफ आर्डर को ओवर रूल करना पड़ा। प्रो. गर्ग सहित अन्य शिक्षकों ने गुरुवार को इस पर नोट ऑफ डिसेंट देने की बात कही है।

पिछली बैठक के मिनट्स में गलतियां, रैफर बैक


विवि की एकेडमिक काउंसिल की बैठक सुबह ११.३० बजे केंद्रीय कार्यालय में शुरू हुई। एजेंडा आइटम की शुरुआत में ही प्रो. गर्ग ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर के जरिये भरी बैठक में यूनिवर्सिटी टीचर्स एंड ऑफिसर्स अपॉइंटमेंट एक्ट-१९७४ सेक्शन-४ पढ़ कर सुनाया। एक्ट के मुताबिक विवि को रजिस्ट्रार की सीधी भर्ती करने अथवा एेसा नहीं होने पर कुलपति सरकार को पत्र लिख कर प्रतिनियुक्ति पर रजिस्ट्रार लगा सकते हैं। प्रो. दायमा ने कहा कि जिन छात्रों ने उनका गिरेबान पकड़ा और जिनके खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उन छात्रों के साथ रजिस्ट्रार चाय पीते हैं। प्रो. बुनकर ने विवि में जाति विशेष के लोगों को टारगेट करने की बात रखी।

अन्य शिक्षकों ने भी प्रो. शर्मा के शिक्षकों की गरिमा खत्म करने की बात कही और उन्हें स्वयं ही इस पद से इस्तीफा देने के लिए कहा, लेकिन इस दौरान प्रो. शर्मा एक शब्द भी नहीं बोले। कुलपति जरूर सफाई देते रहे। कुलपति ने जब बैठक के एजेंडे पर बात शुरू की, तब पिछली बैठक के मिनट्स फॉर कन्फर्मेशन और एक्शन टेकन रिपोर्ट रखी गई। इसमें भारी गलतियां थीं। कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. शर्मा को यहां भी विरोध झेलना पड़ा। आखिर इन दोनों को रैफर बैक कर दिया गया। ये दोनों एकेडमिक काउंसिल की अगली बैठक में रखे जाएंगे।


इंजीनियरिंग भर्ती के लिए एक्सपर्ट पैनल पास

बैठक में एजेंडा आइटम के तौर पर महत्वपूर्ण एजेंडा इंजीनियरिंग संकाय में ९५ शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के लिए पैनल ऑफ एक्सपर्ट था। बैठक में पैनल ऑफ एक्सपर्ट पास कर दिया गया। अब ४० एक्सपर्ट में से १२ जनों के नाम बंद लिफाफे में कुलपति को भेज दिए जाएंगे। ये लिफाफे साक्षात्कार के समय खुलेंगे। इंजीनियरिंग भर्ती की लिखित परीक्षा २१-२२ फरवरी को प्रस्तावित है। बैठक में मनोविज्ञान विभाग के पीएचडी छात्र कुलदीपसिंह का रजिस्ट्रेशन रद्द करने पर भी मोहर लगा दी गई।


पत्रिका ने पहले ही चेताया था

विवि में रजिस्ट्रार पद को लेकर राजस्थान पत्रिका ने अपने १४ सितम्बर के अंक में 'विवि में रजिस्ट्रार लगाना भूली सरकारÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर के यह मामला उठाया था। विवि के कुलपति प्रो. आरपी सिंह ने ८ मई से रसायन विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप शर्मा (बी) को कार्यवाहक रजिस्ट्रार बनाया। सरकार ने २९ मई को आरएएस अधिकारी करतारसिंह पूनिया की रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति की, लेकिन पूनिया महज दो-चार दिन ही विवि आए और १८ जुलाई को अपना स्थानांतरण अन्यत्र करवा लिया। इस दौरान प्रो. शर्मा ही कार्यवाहक रजिस्ट्रार बने रहे। तब से अब तक वे ही रजिस्ट्रार हैं। विवि कार्यवाहक रजिस्ट्रार के आदेशों पर इंजीनियरिंग भर्ती कर चुका है और अब एक बार फिर सामान्य संकाय व इंजीनियरिंग भर्ती करने जा रहा है।

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