जोधपुर

राजस्थान की इन महिलाओं की कहानी आपको करेगी इंस्पायर, एक तो पा​किस्तान से यहां आई

मिथक तोड़ा, परम्परा बढ़ाई और बन गई सफलता की कहानी, संघर्ष से सफलता तक: हुनर के दम पर महिलाएं लिख रहीं नई पहचान।

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Mar 17, 2026
अजबी देवी जो पाक ​विस्थापित महिला है और कला के जरिये अपना हुनर निखार रही है।

कभी विपरीत परिस्थितियों से जूझती इन महिलाओं ने आज अपने हुनर और मेहनत के दम पर सफलता की नई इबारत लिख दी है। जहां उद्योग और निर्यात को पुरुष व्यापार के तौर पर समझा जाता था, उस एकाधिकार को इन महिलाओं व उनकी टीम ने तोड़ा है। बहुत सामान्य परिवार से बड़ा आर्ट साम्राज्य खड़ा किया है। अभी इनके हुनर को अरबन हाट में देखा जा सकता है। इन महिलाओं की खास बात यह है कि इन्होंने पारंपरिक कौशल को आधुनिक बाजार से जोड़कर अपनी अलग पहचान बनाई है।

अजबी : यह पाक विस्थापित महिला है। पहले अस्तित्व का भी संकट था। जब सीमापार से आए तो समझ नहीं आया कि कैसे गुजारा होगा। लेकिन एप्लिक व कशीदाकारी के साथ हस्तशिल्प का हुनर सीखा। अब इससे रोजगार ही नहीं पा रही बल्कि अपने ही तबके के दूसरे लोगों को जोड़ रही है।

डिम्पल आसेरी : एप्लिक वर्क, एम्ब्राइडरी और कशीदाकारी का काम अपनी मां और दादी से सीखा। शुरुआती दौर में वे एक एनजीओ से जुड़ीं, जहां करीब 1000 महिलाएं काम कर रही हैं। समय के साथ उन्होंने अपनी अलग टीम तैयार की और अब विभिन्न मेलों में स्टॉल लगाकर अपने उत्पाद बेच रही हैं। उनके काम ने न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है।

ललिता : ललिता ने पारंपरिक जूतियां बनाने और उन पर कशीदाकारी का हुनर अपनी मां से सीखा। पहले यह काम सीमित स्तर पर था, लेकिन अब पूरा परिवार इस व्यवसाय से जुड़ चुका है। उनकी बनाई जूतियां न केवल स्थानीय बाजार में, बल्कि बाहर भी पसंद की जा रही हैं।

ज्योति : पुश्तैनी लेदर वर्क को नई दिशा दी है। प्रताप नगर क्षेत्र में वे अपना काम संचालित कर रही हैं और लेदर बैग की पूरी रेंज तैयार कर रही हैं। उन्होंने कई महिलाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें रोजगार के अवसर दिए हैं, जिससे उनकी टीम लगातार मजबूत हो रही है।

रोजगार की नई दिशा तय होगी

पिछले दो दशक में हस्तशिल्प व निर्यात बड़े एक्सपोर्ट हाउस का हिस्सा बन चुके हैं। अरबन हाट में इन महिलाओं के लिए केवल उत्पाद बेचने का माध्यम नहीं, बल्कि उनके संघर्ष और सफलता की कहानी को समाज के सामने लाने का मंच भी है। उद्योग विभाग की इस पहल से इन हुनरमंद महिलाओं को पहचान मिल रही है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है। यह इसी काम से रोजगार की नई शृंखला तय कर रहे हैं।

Updated on:
17 Mar 2026 08:43 pm
Published on:
17 Mar 2026 08:16 pm
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