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ओसियां में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट वायरल करने का आरोप

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक पोस्ट वायरल करने के आरोप में ओसियां थाना पुलिस ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

ओसियां। ओसियां विधानसभा क्षेत्र के मांडियाई खुर्द गांव में 22 अप्रेल को आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक पोस्ट वायरल करने और रुपए मांगने के आरोप में ओसियां थाना पुलिस ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार मांडियाई खुर्द निवासी केवलराम सियोल ने रिपोर्ट दी कि 22 अप्रेल 2026 को गांव में विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम में उसके दादा-दादी की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया गया था।

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम से कुछ दिन पूर्व संचालक राकेश ने लाइव कवरेज करने के नाम पर दो लाख रुपए की मांग की। आरोपी ने खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताते हुए सोशल मीडिया पर अपने चैनल व पेज के लाखों फॉलोवर्स होने की बात कही। आरोप है कि रुपए देने से इनकार करने पर आरोपी ने धमकी दी और सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक पोस्ट वायरल कर दी।

CM की मौजूदगी को लेकर भ्रामक दावे किए

प्रार्थी का आरोप है कि पोस्ट में कार्यक्रम को मृत्युभोज से जोड़ते हुए जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। पोस्ट में मुख्यमंत्री की मौजूदगी को लेकर भी आपत्तिजनक और भ्रामक दावे किए गए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) एवं 308(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच एएसआई प्रकाश ढाका को सौंपी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को आरोपी राकेश गोदारा को गिरफ्तार किया, जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

आरएलपी के चौधरी ने की निंदा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के डॉ. श्रवण चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राकेश की गिरफ्तारी को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना किसी तथ्य और बिना किसी ठोस कारण के गिरफ्तारी कर एफआइआर दर्ज की है, जो पूरी तरह सरासर गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस प्रकार एकतरफा कार्रवाई कर किसी की आवाज को दबाने का प्रयास नहीं कर सकती।