जोधपुर

कोरोना लॉक डाउन में शुरू किया देश और मारवाड़ के ‘ताज महल का निर्माण कार्य पूरा

  महाराजा जसवंत सिंह की स्मृति में बना था 'मारवाड़ का ताजमहल

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Jan 06, 2022
कोरोना लॉक डाउन में शुरू किया देश और मारवाड़ के 'ताज महल का निर्माण कार्य पूरा
कोरोना लॉक डाउन में शुरू किया देश और मारवाड़ के 'ताज महल का निर्माण कार्य पूरा

जोधपुर. कोरोना लॉकडाउन के दौरान घरों में खाली बैठे अपने हुनर को तराशने और निखारने के लिए प्रतापनगर शॉपिंग सेन्टर निवासी शिल्पकार सुरेश चौहान ने विश्व विख्यात ताज महल और मारवाड़ के ताज महल कहे जाने वाले जसवंत थड़ा ( डमी कलाकृति) का निर्माण कार्य करीब डेढ़ साल बाद पूरा किया है। सुरेश ने बताया कि लॉकडाउन में जब पूरा कार्य ठप पड़ा था तब घरों में बैठे विचार आया कि कुछ ऐसा करें कि लोग उसे पसंद करें। सबसे पहले ताजमहल बनाया। लेकिन लॉक डाउन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था। फिर सोचा क्यों न मारवाड़ का ऐतिहासिक स्मारक बनाया जाए। परिजनों से बातचीत के बाद हमने मारवाड का ताजमहल 'जसवंत थडाÓ का निर्माण शुरू किया। इसके लिए विभिन्न जगहों से जानकारियां व तस्वीरें जुटाई गई। उसी आधार पर निर्माण कार्य शुरू किया गया जो करीब डेढ़ साल बाद जाकर पूरा हुआ है। कलाकृति की लागत के बारे में उनका कहना था कि जब जोधपुर का मूल जसवंत थड़ा 1910 में बनाया गया था तब जितनी लागत रुपयों की आई उससे कहीं ज्यादा लागत अब आई है। दोनों ही ऐतिहासिक स्मारक केमल बोन, लकडी, एमडीएफ, सागवान लकडी, चार्जर लाईट, कांच आदि चीजों का समावेश किया। रात्रि के समय आकर्षक रोशनी के कारण दोनों ही ऐतिहासिक स्थल आकर्षक लगते है।

डमी स्मारक तैयार करने में परिवार के हेमकरण, ललित एवं पूरे परिवार के सदस्यों ने सहयोग किया है। भविष्य में और भी मारवाड़ सहित देश के एतिहासिक स्मारक बनाने की इच्छा है। सुरेश ने बताया कि वे और उनके तीन भाई विगत चार दशक से कला व्यवसाय से जुड़े हैं और लॉक डाउन में सबसे ज्यादा नुकसान कला जगत के लोगों को हुआ है। उन्होंने बताया कि कला का यह हुनर उनके पिताजी स्मृति शेष चुन्नीलाल चौहान से विरासत में मिला है।

महाराजा जसवंत सिंह की स्मृति में बना था 'मारवाड़ का ताजमहल Ó
मेहरानगढ़ दुर्ग के पूर्वोत्तर भाग में 'मारवाड़ का ताजमहल Ó महाराजा जसवन्तसिंह द्वितीय की स्मृति में अवस्थित है । यह स्मारक उनकी स्मृति में उनके पुत्र महाराजा सरदारसिंह ने बनवाना प्रारम्भ किया था । मकराने से निर्मित मारवाड़ का एक मात्र स्मारक है जो जोधपुर राजपरिवार की विगत पीढिय़ों की स्मृतियां भी अपने में संजोये हुए है । इसके निर्माण कार्य पर कुल दो लाख चौरासी हजार छ सौ अठहतर रुपये ( 2,84,678 ) खर्च हुए थे।

Published on:
06 Jan 2022 05:21 pm
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