
जोधपुर।
भगत की कोठी थाना क्षेत्र में सामूहिक बलात्कार पीडि़ता काे आरोपी जोधपुर जेल में होने के बावजूद एफआइआर वापस लेने के लिए डरा धमका रहा है। जेल से दो मर्तबा कॉल कर आरोपी ने न सिर्फ दुबारा सामूहिक बलात्कार करने बल्कि पुत्र का अपहरण कर हत्या तक की धमकियां दे डालीं। मासूम पुत्र को स्कूल भी नहीं भेज पा रही है।
पुलिस के अनुसार 32 वर्षीय महिला की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ डराने धमकाने और गैंग रेप व पुत्र का अपहरण कर जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी इस महिला से ही बलात्कार का आरोपी है। इस मामले में समझौता करने के लिए डराने व धमकाने के मामले में जेल में बंद है। आरोप है कि महिला ने गत वर्ष 20 अप्रेल को आरोपी व उसके भाई के खिलाफ सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लगाकर बासनी थाने में एफआइआर दर्ज करवाई थी। आरोपी की हरकतें बंद नहीं हुईं और वो महिला पर दबाव डालने के लिए जान से मारने व पुत्र के अपहरण की धमकी देने लग गया था। तब पीडि़त महिला ने 17 जुलाई को बासनी थाने में डराने व धमकाने का एक और मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 30 नवम्बर को न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया था। इस बीच, गत 14 और 17 दिसम्बर को आरोपी ने जोधपुर जेल में होने के बावजूद एएक मोबाइल नम्बर से उसे कॉल कर फिर धमकियां देनी शुरू कर दी। आरोपी ने दोनों एफआइआर वापस लेने के लिए दबाव डाला। महिला के इनकार करने पर जेल से बाहर आने के बाद एक बार और सामूहिक बलात्कार और नौ साल के पुत्र का अपहरण कर जान से मारने की धमकियां दी गईं थी।
घर से बाहर निकलना दूभर, घबराहट में बीमार हुईं
पुलिस का कहना है कि जेल में होने के बावजूद धमकियां मिलने से महिला काफी घबरा गई। बार-बार धमकियों से उसका जीना दूभर हो गया। डर की वजह से उसका घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इसी के चलते गत 17 दिसम्बर को तबीयत खराब हो गई थी। उसे एम्स में भर्ती करवाया गया था। अब उसकी हालत में सुधार बताया जाता है। मासूम पुत्र को भी घर से बाहर व स्कूल नहीं भेज पा रही है।